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चीन ने ‘कुछ’ भारतीय विद्यार्थियों को पुनः वापस आने की अनुमति देने की घोषणा की

कोविड-19 के कारण लगाए गए वीज़ा और उड़ान प्रतिबंधों के बाद लगभग दो वर्ष से भारत में फँसे कुछ भारतीय विद्यार्थियों को चीन ने शुक्रवार (29 अप्रैल) को वापस आने की अनुमति देने की घोषणा की।

आजतक की रिपोर्ट के अनुसार, चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियन ने कहा, “हमारा देश पढ़ाई हेतु चीन लौटने के लिए भारतीय विद्यार्थियों की चिंताओं को अधिक महत्व देता है। हमने अन्य देशों के विद्यार्थियों के चीन लौटने की प्रक्रिया और अनुभव को भारतीय पक्षों के साथ बताया है।”

उन्होंने कहा, “भारतीय विद्यार्थियों की वापसी की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। भारतीय पक्ष को केवल उन विद्यार्थियों की सूची देनी है, जो वास्तव में चीन वापस आना चाहते हैं।”

भारतीय दूतावास ने एक बयान में कहा, “25 मार्च को भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर की चीनी विदेश मंत्री वांग यी के साथ बैठक के पश्चात चीनी पक्ष ने विद्यार्थियों की वापसी को सुविधाजनक बनाने हेतु विचार करने की इच्छा व्यक्त की थी।”

चीन ने कहा कि पात्र छात्रों को बिना शर्त कोविड-19 रोकथाम उपायों का पालन करना चाहिए।इससे रोकथाम के उपायों से संबंधित सभी खर्चों का उन्हें स्वयं वहन करना होगा।

बता दें कि लगभग 23,000 से अधिक भारतीय विद्यार्थी चीनी कॉलेजों में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे हैं। कोरोना संक्रमण के बाद वे स्वदेश लौट आए और यही फँस गए। वे इतने वर्षों से चीन द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों की वजह से वापस नहीं जा पा रहे थे। उन्हें ऑनलाइन माध्यम से ही पढ़ाई करनी पड़ रही क्योंकि बीजिंग ने भारतीयों के लिए सभी उड़ानें और वीज़ा रद्द कर दिए थे।