समाचार
अफगानिस्तान में तालिबान से संबंध विकसित करने की चीन और रूस ने जताई इच्छा

तालिबान द्वारा अफगानिस्तान के काबुल पर अपना नियंत्रण स्थापित करने के साथ ही चीन और रूस अब उससे अपने संबंध विकसित करना चाहते हैं। चीन ने सोमवार (16 अगस्त) को जहाँ बयान जारी कर अपनी इच्छा स्पष्ट कर दी, वहीं रूस ने भी इसके संकेत दिए हैं।

हिंदुस्तान लाइव की रिपोर्ट के अनुसार, चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने कहा, “हम अफगानिस्तान के नागरिकों को स्वतंत्रतापूर्वक अपना भविष्य चुनने के अधिकार का सम्मान करते हैं। चीन अफगानिस्तान के साथ मित्रता और सहयोग पूर्ण संबंध विकसित करना चाहता है।”

उन्होंने आगे कहा, “तालिबान ने बार-बार चीन के साथ अच्छे संबंध स्थापित करने की अपेक्षा जताई है और वे अफगानिस्तान के विकास एवं पुनर्निमाण में चीन की सहभागिता को लेकर आशान्वित हैं। हम इसका स्वागत करते हैं।” बता दें कि काबुल में चीन का दूतावास अब भी कार्यरत है।

रूस के राजदूत दिमित्री झिरनोव मंगलवार को तालिबान के प्रतिनिधिमंडल से भेंट करने वाले हैं। इसके बाद आगे के संबंधों पर निर्णय लिया जा सकता है। उसने भी अपने दूतावास को खाली करने की किसी भी योजना से मना कर दिया है। उधर, ब्रिटेन ने वैश्विक समुदाय से अपील की है कि तालिबान की सरकार को मान्यता न दी जाए।