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चेन्नै एग्मोर स्टेशन का विश्वस्तरीय सुविधाओं हेतु ₹760 करोड़ से पुनर्विकास होगा

चेन्नै एग्मोर स्टेशन का 760 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से पुनर्विकास होगा। बढ़ते यात्री यातायात को संभालने के लिए इसका वर्तमान इंफ्रास्ट्रक्चर और यात्री सुविधाओं को समय के साथ सुधारा जाएगा।

यह पूर्णतः दिव्यांगों के लिए अनुकूल होने के साथ उपनगरीय रेल, मेट्रो और एमआरटीएस के लिए मल्टी-मोडल ट्रांसपोर्ट हब के रूप में कार्य करेगा।

स्टेशन वर्तमान में लगभग 35 मेनलाइन ट्रेनों व 240 उपनगरीय ट्रेनों और लगभग 24,129 यात्रियों को प्रतिदिन संभालता है। 2020-2021 के दौरान स्टेशन की प्रति वर्ष कुल यात्री आय 125 करोड़ रुपये थी।

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार (19 मई) को चेन्नै एग्मोर का दौरा कर स्टेशन की सुविधाओं का निरीक्षण किया और पुनर्विकास परियोजना के मास्टर प्लान की समीक्षा की थी। उन्होंने कहा था, “विरासत को बनाए रखते हुए स्टेशन का पुनर्विकास किया जाएगा। साथ ही विश्व स्तरीय मानकों के अनुरूप इसकी सुविधाओं में सुधार किया जाएगा।”

मंत्री ने चेन्नै एग्मोर के लिए प्रस्तावित पुनर्विकास योजनाओं और इंटर-मोडल कनेक्टिविटी की सुविधा पर विस्तार से चर्चा की।

उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री के पास भारतीय रेलवे को बदलने की दृष्टि है क्योंकि उनका मानना ​​है कि भारतीय रेलवे के परिवर्तन से अर्थव्यवस्था के परिवर्तन का मार्ग बनेगा। विभिन्न श्रेणियों के स्टेशनों का पुनर्विकास उसी दृष्टि का भाग है।”

प्रस्तावित योजना में कई चीजें सम्मिलित हैं। जैसे अलग आगमन और प्रस्थान गलियारों द्वारा यात्रियों की निर्बाध आवाजाही, सौंदर्य की दृष्टि से डिजाइन किए गए स्टेशनों के सामने प्रकाश की, बेहतर भूनिर्माण प्रयास।

विशेष लेन में विभिन्न श्रेणी के वाहनों और पैदल चलने वालों की सुव्यवस्थित आवाजाही के लिए समर्पित पार्किंग स्थल। कुशल जल एवं ऊर्जा प्रबंधन उपाय और ट्रेन संचालन सुविधाओं व यात्री सुविधाओं का स्पष्ट विभाजन सम्मिलित हैं।

मंत्री ने कहा कि पहले चरण में तमिलनाडु में पाँच स्टेशनों- चेन्नै एग्मोर, मदुरै, काटपाडी, रामेश्वरम और कन्याकुमारी का पुनर्विकास किया जाएगा।