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दूरसंचार पीएलआई योजना में परिवर्तन की घोषणा की, क्या हैं बदलाव व अर्हता जानें यहाँ

दूरसंचार विभाग ने उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना की अवधि एक वर्ष बढ़ाने के साथ ही डिजाइन-आधारित विनिर्माताओं हेतु एक प्रोत्साहन योजना शुरू की है। विभाग ने बताया कि डिजाइन आधारित विनिर्माण के लिए प्रोत्साहन देना पीएलआई योजना का ही भाग है, जिसे 24 फरवरी, 2021 को अधिसूचित किया गया था।

गैजेट नाऊ की रिपोर्ट के अनुसार, हितधारकों के साथ विचार-विमर्श के बाद दूरसंचार और नेटवर्किंग उत्पादों के लिए पीएलआई योजना के दिशा-निर्देशों में संशोधन किया गया है, ताकि अतिरिक्त प्रोत्साहन दरों के साथ डिजाइन विनिर्माण शुरू किया जा सके।

नई योजना ने प्रोत्साहन दर में अतिरिक्त 1 प्रतिशत की वृद्धि की। चयनित पीएलआई आवेदकों सहित संबंधित पक्षों से मिली प्रतिक्रिया के आधार पर मौजूदा पीएलआई योजना को एक वर्ष तक बढ़ाने का निर्णय किया है। मौजूदा पीएलआई लाभार्थियों को प्रोत्साहन के पहले वर्ष के रूप में वित्त वर्ष 2021-22 या 2022-23 चुनने का विकल्प दिया जाएगा।

दूरसंचार पीएलआई योजना का नया संस्करण अनुसंधान एवं विकास के लिए किए जाने वाले निवेश पर 15 प्रतिशथ की सीमा को हटा देता है। डीओटी ने मौजूदा आईटी के लिए नए दूरसंचार और नेटवर्किंग उत्पादों को भी स्वीकृति दी है, जिन्हें योजना के तहत निर्मित किया जा सकता है। डिजाइन-आधारित विनिर्माताओं को प्रोत्साहन 4,000 करोड़ रुपये से दिया जाएगा, जो कुल परिव्यय से बचा हुआ है।

दूरसंचार उपकरण निर्माता, जो अपने उत्पाद में 50 प्रतिशत मेड इन इंडिया घटकों का उपयोग करते हैं, वे डिजाइन-लिंक्ड प्रोत्साहन के लिए पात्र होंगे। योजना एमएसएमई के लिए न्यूनतम निवेश सीमा 10 करोड़ रुपये और गैर-एमएसएमई आवेदकों के लिए 10 करोड़ रुपये निर्धारित करती है। इसमें भूमि और भवन की लागत को निवेश के रूप में नहीं गिना जाएगा। एमएसएमई के लिए आवंटन 1,000 रुपये से बढ़ाकर 2.500 करोड़ रुपये किया गया है।

आवेदन खिड़की 21 जून से 20 जुलाई तक खुली रहेगी। आवेदक 1 अप्रैल 2022 से वित्त वर्ष 2025-26 तक 5 वर्षों के लिए प्रोत्साहन का लाभ उठा सकते हैं।