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“कोलकाता के लिए दूसरा हवाई अड्डा बनाना चाहते हैं पर राज्य भूमि नहीं दे रहा”- सिंधिया

नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि केंद्र के पास कोलकाता के लिए एक दूसरे हवाई अड्डे सहित पश्चिम बंगाल के लिए विस्तृत इंफ्रास्ट्रक्चर विकास योजनाएँ हैं लेकिन ममता बनर्जी सरकार ने अब तक इसके लिए भूमि उपलब्ध नहीं करवाई।

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने दावा किया कि जब से नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतर-राष्ट्रीय (एनएससीबीआई) हवाई अड्डा अपनी क्षमता तक पहुँच गया है, तब से वे दूसरा हवाईअड्डा स्थापित करने के उद्देश्य से 6 माह से मुख्यमंत्री से वार्ता की मांग कर रहे लेकिन उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।

उन्होंने कहा, ”हम चाहते हैं कि कोलकाता में एक नया हवाईअड्डा बने। वर्तमान हवाई अड्डा कई वर्षों से अधिकतम क्षमता पर चल रहा है। एक नई जगह के लिए पत्रों और विचारों का आदान-प्रदान किया जा रहा है लेकिन राज्य सरकार की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।”

मंत्री ने कहा, ”हम वर्तमान (एनएससीबीआई) हवाई अड्डे के लिए 700 करोड़ रुपये का निवेश कर रहे हैं। 300 करोड़ रुपये की लागत से एक नया तकनीकी ब्लॉक सह नियंत्रण टावर चालू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 265 करोड़ रुपये से एक नया टैक्सी-वे बनाया जा रहा है।

मंत्री ने कहा कि मेट्रो रेलवे को एयरपोर्ट टर्मिनल भवन से जोड़ने के लिए 110 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है। पूर्वी महानगर से आने-जाने वाले यात्रियों की बढ़ती संख्या को पूरा करने के लिए 2 लाख वर्ग मीटर का नया हवाई अड्डा बनाने की आवश्यकता है।

सिंधिया ने कहा कि जहाँ वर्तमान हवाई अड्डे की क्षमता 2.5 करोड़ लोगों की है। वहीं नए हवाई अड्डे के टर्मिनल भवन का प्रवाह 3.5 करोड़ होना चाहिए।

उन्होंने दावा किया कि उत्तरी बंगाल में सिलीगुड़ी के पास बागडोगरा हवाई अड्डे के लिए भी स्थिति समान है, जहाँ राज्य सरकार इसके विस्तार हेतु भूमि सौंपने में ढिलाई बरत रही थी।