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“पेट्रोल व डीज़ल को जीएसटी में लाने को तैयार पर कुछ राज्य विरोध में”- नितिन गडकरी

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार (10 नवंबर) को कहा कि केंद्र सरकार पेट्रोल व डीज़ल को वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के अंतर्गत लाने के प्रस्ताव का समर्थन करने के लिए तैयार है, यदि सभी राज्य इस विचार का समर्थन करते हैं।

उन्होंने कहा कि ईंधन और गैस को जीएसटी के तहत लाने से कुल दरों में कमी आएगी। इससे राजस्व बढ़ेगा और राज्यों को भी लाभ होगा।

टाइम्स नाऊ समिट के दौरान नितिन गडकरी ने जीएसटी में ईंधन को सम्मिलित करने के एक प्रश्न का उत्तर देते हुए कहा, “केंद्र ने यह प्रस्ताव दिया है।”

इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने कहा, “कुछ राज्य अब भी जीएसटी परिषद् में इसका विरोध कर रहे हैं। हमारे वित्त मंत्री इस पर कार्य कर रही हैं और यदि सभी राज्य सहमत होते हैं तो हम भी समर्थन करेंगे।”

हालाँकि, उन्होंने जीएसटी के तहत ईंधन लाने के प्रस्ताव का विरोध करने वाले राज्यों का नाम नहीं लिया। केंद्रीय मंत्री ने देश में ईंधन के ऊँचे मूल्यों के बारे में भी बात की और कहा कि केंद्र ने पेट्रोल व डीज़ल पर उत्पाद शुल्क कम करके सकारात्मक कदम उठाया है।

नितिन गडकरी ने कहा, “केंद्र सरकार की इस बड़ी पहल के बाद राज्य भी शीघ्र ही शुल्क कम करेंगे।”