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केंद्र ने मूल्यों को कम करने हेतु 31 मार्च 2022 तक खाद्य तेलों पर भंडारण सीमा लागू की

खाद्य तेलों की बढ़ते मूल्यों के बीच केंद्र ने 31 मार्च 2022 तक की अवधि के लिए खाद्य तेलों व तिलहनों पर भंडारण सीमा लगा दी है। केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने रविवार (10 अक्टूबर) को एक आधिकारिक विज्ञप्ति में यह जानकारी दी।

मंत्रालय ने विज्ञप्ति में कहा, “विशिष्ट खाद्य पदार्थों पर लाइसेंसिंग आवश्यकताएँ, भंडारण सीमाएँ और आवाजाही प्रतिबंध हटाने (संशोधन) का आदेश, 2021 तत्काल प्रभाव से जारी किया गया है।”

मंत्रालय ने कहा कि 8 अक्टूबर 2021 से एनसीडीईएक्स में सरसों तेल और तिलहन पर फ्यूचर ट्रेडिंग को निलंबित कर दिया गया था। इस निर्णय से घरेलू बाज़ार में खाद्य तेलों के मूल्यों में नरमी आएगी, जिससे देश भर के उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलेगी।

मंत्रालय ने कहा कि अंतर-राष्ट्रीय बाज़ार में खाद्य तेल के ऊँचे मूल्यों का घरेलू खाद्य तेल के मूल्यों पर बड़ा प्रभाव पड़ा है। केंद्र ने यह सुनिश्चित करने के लिए एक बहुआयामी रणनीति तैयार की है कि खाद्य तेलों जैसी आवश्यक वस्तुओं के मूल्य नियंत्रित रहें।

मंत्रालय ने कहा, “आयात शुल्क ढांचे को युक्तिसंगत बनाने, विभिन्न हितधारकों द्वारा रखे गए शेयरों के स्व-प्रकटीकरण के लिए एक वेब-पोर्टल शुरू करने जैसे उपाय पहले ही किए जा चुके हैं।”

आगे कहा गया, “आयात शुल्क संरचना के युक्तिकरण, विभिन्न हितधारकों द्वारा रखे गए शेयरों के स्व-प्रकटीकरण के लिए एक वेब-पोर्टल शुरू करने आदि जैसे उपाय पहले ही किए जा चुके हैं।”