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वी और एयरटेल को एजीआर बकाया भुगतान के लिए 20 वर्षों का समय देना विचाराधीन

केंद्र सरकार कठिनाई से गुज़र रहे दूरसंचार क्षेत्र के बचाव में आने के उपायों पर सक्रिय रूप से विचार कर रही है। ऐसा कहा जा रहा है कि वोडाफोन-आइडिया (वी) और भारती एयरटेल को 20 वर्षों में अपने समायोजित सकल राजस्व (एजीआर) बकाए का भुगतान करने की अनुमति देने के वह उपाय ढूंढ रही है, ताकि उन्हें राहत दी जा सके।

इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, यह महत्वपूर्ण है क्योंकि सर्वोच्च न्यायालय ने निर्णय सुनाया था कि दूरसंचार कंपनियों को 31 मार्च 2031 तक 10 वर्षों में अपनी बकाया राशि का भुगतान करना होगा।

कोई भी उपाय जिसके परिणामस्वरूप एजीआर बकाया या वार्षिक एजीआर किश्तों में कमी आती है तो नकदी की कमी और ऋण के बोझ से दबे वी के लिए एक बड़ी राहत होगी। कंपनी के पास जून के अंत में 920 करोड़ रुपये नकद उपलब्ध थे और वह 1.9 लाख करोड़ रुपये के ऋण के बोझ से दबी है।

वी को एजीआर बकाया में 58,254 करोड़ रुपये का भी भुगतान करना है, जिसमें से उसने अब तक सिर्फ 7,854 करोड़ रुपये का भुगतान किया है। कंपनी को अपनी आगामी एजीआर किश्त के रूप में करीब 9,000 करोड़ रुपये का भुगतान करने की आवश्यकता है, जो मार्च 2022 में देय है।

इस बीच, सरकार इस क्षेत्र के लिए राहत पैकेज पर भी काम कर रही है और कहा जा रहा है कि इस पर काम तेज़ी से हो रहा है।