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केरल में निपाह से मरने वाले बच्चे के परिवार से मिली केंद्रीय टीम, दो कर्मचारियों में लक्षण

केरल के कोझिकोड जिले में केंद्र सरकार की टीम ने निपाह वायरस के संक्रमण के चलते जान गंवाने वाले 12 वर्षीय बच्चे के परिवार से भेंट की। केंद्रीय टीम ने क्षेत्र में रामबूटान फल के नमूने लिए। वहीं, बच्चे के संपर्क में आने के बाद दो स्वास्थ्य कर्मचारियों में भी वायरस के लक्षण देखने को मिले हैं।

न्यूज़-18 की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली स्थित राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र की टीम ने पीड़ित परिवार से भेंट करके उस फल की पहचान की, जिससे बच्चा संक्रमित हुआ था। साथ ही उन जानवरों की पहचान की गई, जिसके संपर्क में मृत बच्चे की आने की आशंका है।

केंद्रीय टीम ने कम से कम 18 रिश्तेदारों व बच्चे के स्वास्थ्य कर्मचारियों और 150 दूसरे संपर्क व्यक्तियों की पहचान करके उन्हें क्वारंटीन किया। इसके अतिरिक्त, सभी लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी और कहा कि किसी भी तरह के लक्षण दिखने पर तत्काल स्वास्थ्य कर्मियों को सूचित किया जाए।

अधिकारियों का कहना है कि निपाह वायरस संक्रमण के मामले में मृत्यु दर 40 से 80 प्रतिशत तक है। राज्य सरकार ने भी निपाह वायरस पीड़ित परिवार के घर के तीन किलोमीटर के दायरे में प्रतिबंध लगा दिया और पूरे क्षेत्र को नियंत्रण क्षेत्र घोषित कर दिया है। इसी तरह के कदम मलाप्पुरम और कन्नूर जिले में भी उठाए गए हैं।

बता दें कि चमगादड़ द्वारा फलों को खाने पर उसकी लार उन फलों पर लग जाती है। इससे निपाह वायरस फैलता है। दक्षिण भारत में इसका पहला मामला केरल के कोझिकोड में 19 मई 2018 को मिला था। एक जून 2018 तक इस संक्रमण के 18 मामले आए थे तथा 17 लोगों की मौत हो गई थी।