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कश्मीर विवि के दर्जन भर शिक्षक, कर्मचारी आतंकी संबंधों के चलते हटाए जा सकते हैं

जम्मू-कश्मीर सरकार ने लगभग एक दर्जन कश्मीर विश्वविद्यालय के शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों को उनके कथित आतंकी संबंधों के चलते सेवा से हटाने की पूरी तैयारी कर ली है।

टीओआई की रिपोर्ट के अनुसार, सरकार ने रसायन विज्ञान विभाग में प्रोफेसर मोहम्मद हुसैन पंडित की सेवाएँ पहले ही समाप्त कर दी हैं। वह कभी दिवंगत अली शाह गिलानी के बेहद करीबी माने जाते थे और अब विश्वविद्यालय में कट्टर अलगाववादी कार्यकर्ताओं के साथ उनके संबंध हैं।

सूत्रों के मुताबिक, सरकार कश्मीर विश्वविद्यालय के कई शिक्षकों और गैर-शिक्षण स्टाफ सदस्यों को हटाने को तैयार है, जिन पर आतंकवादी-अलगाववादी नेटवर्क के लिए आवश्यक विचारधारा बनाए रखने में सक्रिय भूमिका निभाने के आरोप हैं।

आधिकारिक दस्तावेजों से पता चलता है कि कश्मीर विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (केयूटीए) लंबे समय से राडार पर है और यह पाया गया कि वह एक ​​आतंकवादी-अलगाववादी नेटवर्क बनाने के लिए ज़िम्मेदार है।

केयूटीए अध्यक्ष के रूप में बर्खास्त प्रोफेसर हुसैन का कार्यकाल विवादास्पद रहा था। वह अब धन की हेराफेरी और जालसाजी के लिए आंतरिक जाँच का सामना कर रहे हैं।

दस्तावेज़ आगे बताते हैं कि अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद केयू में शैक्षणिक और छात्र गतिविधियों के दो विवेकपूर्ण विश्लेषण किए गए। परिणामों से पता चला कि अधिकांश संकाय अलगाववादी सोच और गतिविधियों के दोष से मुक्त हैं। गैर-शिक्षण कर्मचारियों का विश्लेषण अब भी चल रहा है।

अधिकारियों के अनुसार, शिक्षण कर्मचारियों के संबंध में केवल तीन को एक हद तक दोषी पाया गया है, जिस पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है। 12 अन्य ऐसे हैं, जिनके कुछ हद तक दोषी होने का आकलन किया गया है। 24 अन्य लोगों की तीसरी श्रेणी है, जिन्हें केवल परामर्श और अवलोकन की आवश्यकता हो सकती है।