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5जी स्पेक्ट्रम- 20 वर्ष की वैधता अवधि संग जुलाई के अंत में नीलामी, कैबिनेट की स्वीकृति

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्‍यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने स्‍पेक्‍ट्रम की नीलामी करने के दूरसंचार विभाग के एक प्रस्‍ताव को स्वीकृति दे दी। अब सफल बोलीदाताओं को जनता व उद्यमों को 5जी सेवाएँ प्रदान करने के लिए स्पेक्ट्रम सौंपा जाएगा।

बुधवार (15 जून) को एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया, “20 वर्ष की वैधता अवधि के साथ कुल 72097.85 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम की नीलामी जुलाई 2022 के अंत तक की जाएगी। नीलामी विभिन्न स्पेक्ट्रम के निम्न (600 मेगाहर्ट्ज, 700 मेगाहर्ट्ज, 800 मेगाहर्ट्ज, 900 मेगाहर्ट्ज, 1800 मेगाहर्ट्ज, 2100 मेगाहर्ट्ज, 2300 मेगाहर्ट्ज, मध्य (3300 मेगाहर्ट्ज) और उच्च (26 गीगाहर्ट्ज़) फ्रीक्वेंसी बैंड के लिए की जाएगी।”

यह अपेक्षा की जा रही कि मध्य और उच्च बैंड स्पेक्ट्रम का उपयोग दूरसंचार सेवा प्रदाताओं द्वारा गति और क्षमता प्रदान करने में सक्षम 5जी प्रौद्योगिकी-आधारित सेवाओं को शुरू करने के लिए किया जाएगा, जो वर्तमान में 4जी सेवाओं की तुलना में लगभग 10 गुना अधिक होगा।

संचार मंत्रालय के एक बयान के अनुसार, सितंबर-2021 में घोषित दूरसंचार क्षेत्र के सुधारों से स्पेक्ट्रम नीलामी को लाभ होगा।

सुधारों में आगामी नीलामी में प्राप्त स्पेक्ट्रम पर शून्य स्पेक्ट्रम उपयोग शुल्क (एसयूसी) सम्मिलित है, जो दूरसंचार नेटवर्क की परिचालन लागत के मामले में सेवा प्रदाताओं को एक महत्वपूर्ण राहत प्रदान करता है। इसके अतिरिक्त, एक वार्षिक किस्त के बराबर वित्तीय बैंक गारंटी जमा करने की आवश्यकता को भी समाप्त कर दिया गया है।

दूरसंचार क्षेत्र में सुधारों को जारी रखते हुए मंत्रिमंडल ने व्यापार करने में आसानी के लिए आगामी स्पेक्ट्रम नीलामी के माध्यम से बोलीदाताओं द्वारा प्राप्त किए जाने वाले स्पेक्ट्रम के संबंध में विभिन्न प्रगतिशील विकल्पों की घोषणा की।