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टाटा स्टील और राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, तिरुची के संयुक्त उद्यम से देश को मिलेगी उन्नत तकनीक

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, तिरुचिरापल्ली ने टाटा स्टील लिमिटेड के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं जिससे संस्थान के कई विभागों में संयुक्त उद्यमों के माध्यम से अभिनव तकनीकों का विकास किया जा सके। इस ज्ञापन में विभिन्न अभियांत्रिकी क्षेत्रों में तीन वर्षों के अनुसंधान व विकास की परिकल्पना की गई है।

एन.आई.टी. त्रिची की निदेशक डॉ. मिनी शाजी थॉमस और टाटा स्टील के मानव संसाधन विकास के उपाध्यक्ष सुरेश दत्त त्रिपाठी की उपस्थिति में इस ज्ञापन की औपचारिकता पूरी की गई। टाटा स्टील द्वारा संस्थान में एक सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस शुरू किया गया है जिसके माध्यम से तकनीकी नवीनीकरण और उद्यमिता के प्रोत्साहन के साथ-साथ प्राध्यापकों और विद्यार्थियों के विनियमन का भी अभियान चलाया जाएगा।

निदेशक महोदया ने कहा, “टाटा स्टील के साथ संधि संस्थान के इतिहास में एक प्रमुख कदम है। इससे विद्यार्थियों का एक प्रतिभा पूल विकसित होगा जो हमें उन्नत तकनीकों के साथ औद्योगिक रूप से तैयार करेगा।”

टाटा स्टील के उपाध्यक्ष का कहना था, “एक स्वस्थ प्रतिस्पर्धा से अगली पीढ़ी की तकनीक विकसित होगी और केवल उद्योग के क्षेत्र में ही नहीं बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में भी इसका लाभ मिलेगा। इस संधि से शैक्षणिक योग्यता और व्यापार आवश्यकताओं के बीच के अंतर को पूरा किया जा सकेगा।”