व्यापार
क्या होगा वॉट्सैप और स्काइप का विनियमन? ट्राय ने माँगी व्यवसायों की राय, जारी किया परामर्श पत्रक

भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राय) ने उद्योगों से राय माँगी है कि क्या इसे वॉट्सैप, स्काइप और वाइबर जैसी विस्तृत (ओ टी टी) सोशल मीडिया साइटों को नियमित करने का प्रयास करना चाहिए, विशेषकर कि आर्थिक और सुरक्षा मामलों में, द इकोनॉमिक टाइम्स  ने रिपोर्ट किया।

सोमवार (12 नवंबर) को ट्राय ने एक परामर्श पत्रक जारी किया है जिसके माध्यम से इसने व्यवसायों के विचार यह जानने के लिए आमंत्रित किए हैं कि दूरसंचार सेवा प्रदाताओं (टी एस पी) की तरह ही इन सेवा प्रदाताओं में से किन ऐपों को नियमित किया जाना चाहिए।

ट्राय ने पूछा है कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए क्या इन ऐपों का विनियमन टी एस पी की तरह वैधानिक अवरोधन द्वारा होना चाहिए। इसने यह भी जानना चाहा है कि निजित्व की रक्षा और डाटा सुरक्षा के लिए क्या इन ऐपों को टी एस पी से अलग तरीकों से विनियमित किया जा सकता है।

ट्राय ने पत्रक में कहा है कि परामर्श में इसका ध्यान केवल आर्थिक मामलों और इस प्रकार की ओ टी टी सेवाओं के विनियमन पर केंद्रित है। “यह परामर्श पत्रक ओ टी टी सेवाओं के विस्तार का विश्लेषण कर यह चर्चा करना चाहता है कि ओ टी टी सेवा प्रदाताओं से दूरसंचार सेवा प्रदाताओं के समान व्यवहार किया जाना चाहिए या नहीं, टी एस पी और ओ टी टी सेवाओं में क्या संबंध होगा, क्या वर्तमान विनियमन प्रणाली में कोई परिवर्तन किया जाना चाहिए और किस प्रकार ये परिवर्तन प्रभावित करेंगे।”, पत्रक में उल्लेखित है।