व्यापार
व्यापारिक बहिष्कार- भारतीय खरीददारों ने लौटए पाकिस्तान के सीमेंट कंटेनर

पुलवामा आतंकी हमले के बाद पाकिस्तानी सामानों पर 200 प्रतिशत शुल्क लगाने के केंद्र सरकार का फैसला पाकिस्तान के निर्यातकों और व्यापारियों, विशेष रूप से सीमेंट में काम करने वालों पर भारी पड़ने लगा है।

डॉन  की रिपोर्ट के अनुसार भारतीय आयातकों ने पाकिस्तानी सीमेंट निर्यातकों से भारत आ रहे सीमेंट के डिब्बों को वापस लेने के लिए कहा है। उद्योग ने कंटेनरों को वापस भेजने के लिए भारतीय खरीदारों से संदेश प्राप्त होना शुरू हो गए हैं। कुछ निर्यातकों ने अपने शिपमेंट को वापस बुलाना शुरू कर दिया है।”, रिपोर्ट में एक सीमेंट निर्यातक ने बताया।

निर्यातक के अनुसार सीमेंट से भरे लगभग 600-800 कंटेनर वर्तमान में कराची बंदरगाह, उच्च समुद्र या कोलंबो और दुबई में हैं। उन्होंने कहा कि पिछले साल की विनाशकारी बाढ़ के बाद केरल में 5,000 करोड़ रुपये के पुनर्वास कोष को आवंटित करने का भारत सरकार का निर्णय पाकिस्तानी सीमेंट निर्यात में मदद कर सकता था जो कि भारत में प्रतिवर्ष सीमेंट निर्यात 70-80 मिलियन डॉलर की राशि का होता है

“हालाँकि पुलवामा हमले के बाद स्थिति उलट हो गई है। आम चुनाव के बाद इस साल जून तक भारत के नियंत्रण में आने तक हमारा निर्यात ख़तरे में रहेगा।“ इस बीच पिछले हफ्ते पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हुए आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के अन्य सेक्टर भी इसका खामियाजा भुगत रहे हैं।

हम आम तौर पर भारत में 145 मिलियन डॉलर (210,000 टन) का छुआरा (सूखा खजूर) निर्यात होता है जो धार्मिक समारोहों और शादियों के दौरान मांग में रहता है। हालाँकि अब हमले के बाद निर्यात संभव नहीं होगा। भारतीय खरीदार भी चिंतित हैं।“, पैट्रनइनचीफ ऑल पाकिस्तान फ्रूट एंड वेजीटेबल एक्सपोर्टर्स, इम्पोर्टर्स एंड मर्चेंट्स एसोसिएशन के वहीद अहमद को रिपोर्ट में उद्धृत किया गया