व्यापार
ऑनलाइन भारी छूट अब भूतकाल? नई ई-कॉमर्स नीति से अत्यधिक सस्ती कीमतों पर रोक

सरकारी अधिकारियों के अनुसार सरकार द्वारा जो भी नई ई-कॉमर्स नीति लागू की जाएगी, उसमें आवश्यक प्रावधान होंगे जिनसे ऑनलाइन विक्रेताओं द्वारा अधिक छूट देकर कम कीमतों पर सामान बेचने की नीति पर रोक लगाई जा सकेगी, बिज़नेस स्टैंडर्ड  की रिपोर्ट में बताया गया।

नए ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए तथा नए प्रतियोगियों की राह में बाधा उत्पन्न करने के लिए ऑनलाइन विक्रेता बहुत ही कम कीमत में सामग्री बेचते हैं। कई बार यह कीमत लागत मूल्य से भी कम होती है।

कुछ माह पूर्व सरकार द्वारा ई-कॉमर्स नीति का एक प्रारूप तैयार किया गया था जिसमें ‘ज़ीरो पेमेंट ऑफर्स’, ‘फ्लैश सेल’, तथा ‘अनलिमिटेड ऑफर्स’ जैसी व्यापारिक रणनीतियों पर रोक लगाने के प्रावधान रखे गए थे। यह नीतियाँ ई-कॉमर्स विक्रेताओं द्वारा ऑनलाइन विक्रय को बढ़ाने के लिए बनाई जाती हैं।

इस प्रारूप के कुछ बिंदुओं की ऑनलाइन विक्रेताओं तथा जनता ने आलोचना की थी लेकिन प्रीडेटरी (अपहरक) क्लॉज़ पर सभी की सहमति रही थी।

एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, “हमें बहुत ज़्यादा छूट वाले बिंदु पर कोई बाधा नहीं दिखी क्योंकि ई-कॉमर्स कंपनियों, विक्रेताओं तथा उपभोक्ता संगठनों ने भी माना था कि यह व्यवसाय का सही तरीका नहीं है। अत: जब भी नई नियमावली लागू होगी उसमें निश्चित तौर पर यह प्रावधान होगा।”

एक सकारात्मक पहलू उल्लेखनीय है कि ई-कॉमर्स क्षेत्र में कार्यरत महिलाओं की संख्या एक वर्ष में दोगुनी हो गई है तथा वर्तमान में यह संख्या 40,000 है।