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कर्मों का फल? एनडीटीवी, द वायर समेत अन्य पर अनिल अंबानी ने किया मानहानि का केस

अनिल अंबानी के रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड, रिलायंस एयरोस्ट्रक्चर और रिलायंस डिफेंस ने अहमदाबाद उच्च न्यायालय में राजनेताओं और मीडिया घरानों के विरुद्ध राफेल सौदे के संबंध में गलत और भ्रामक खबर के प्रसार के लिए मानहानि का दावा कर दिया है क्योंकि इससे कंपनी की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँच सकता है।

इस सूची में एनडीटीवी शीर्ष पर है जिसपर 10,000 करोड़ रुपए का दावा किया है। इसके ट्रूथ बनाम हाईप नामक कार्यक्रम में इस मुद्दे पर चर्चा की गई थी। यह केस संस्थापक प्रणय रॉय और प्रबंधक संपादक श्रीनिवासन जैन के विरुद्ध दर्ज किया गया है।

द वायर पर इसके ‘राफेल डील- अंडर्स्टैंडिंग द कॉन्ट्रोवर्सी (विवाद को समझें)’ नामक वीडियो के लिए 6,000 करोड़ रुपए का मानहानि दावा किया गया है। यह शिकायत संस्थापक संपादक सिद्धार्थ वरदराजन और रक्षा पत्रकार अजय शुक्ला के विरुद्ध दर्ज की गई है।

नेशनल हेराल्ड पर राफेल सौदे पर प्रकाशित दो लेखों के लिए 5,000 करोड़ रुपए का दावा किया गया है, समाचार पत्र के वैधानिक दल के प्रमुख नलिन कुमार ने बताया।

द सिटीज़न की सीमा मुस्तफा पर ‘द यंगर ब्रदर- ओ पीएम मोदी पेवरेट’ नामक लेख के लिए 7,000 करोड़ रुपए का दावा किया गया है। लेख में उल्लेखित था कि हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड को छोड़कर पक्षपातपूर्ण तरीके से रिलायंस को चुना गया है।

आम आदमी पार्टी के संजय सिंह पर 5,000 करोड़ रुपए का दावा किया गया है। 1 मार्च 2018 को राफेल सौदे पर बयान के बाद उन्होंने कहा था, “इस घोटाले के विरुद्ध वे अपनी आवाज़ उठाते रहेंगे।”