समाचार
वित्त मंत्री ने सौर सेल, मॉड्यूल निर्माण हेतु पीएलआई में वृद्धि कर ₹24,000 करोड़ किया

भारत को एक निर्यातक देश बनाने हेतु वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को घरेलू सौर सेल और मॉड्यूल निर्माण के लिए पीएलआई योजना के तहत वित्त पोषण को मौजूदा 4,500 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 24,000 करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव दिया।

लोकसभा में अपने बजट भाषण में उन्होंने कहा, “2030 तक 280 गीगावॉट स्थापित सौर क्षमता के महत्वाकांक्षी लक्ष्य हेतु घरेलू विनिर्माण की सुविधा को देखते हुए पॉलीसिलिकॉन से सोलर पीवी मॉड्यूल के लिए पूरी तरह से एकीकृत विनिर्माण इकाइयों की प्राथमिकता के साथ उच्च दक्षता (सौर) मॉड्यूल के निर्माण को पीएलआई योजना के तहत 19,500 करोड़ रुपये का अतिरिक्त आवंटन किया जाएगा।”

योजना का उद्देश्य वर्तमान में 17,200 करोड़ रुपये के प्रत्यक्ष निवेश वाले एकीकृत सौर पीवी मॉड्यूल की 10,000 मेगावॉट विनिर्माण क्षमता को जोड़ना था।

आवंटन में 24,000 करोड़ रुपये की वृद्धि से पीएलआई योजना के तहत सोची गई निवेश की मात्रा और घरेलू विनिर्माण क्षमता में और वृद्धि होगी।

योजना के अंतर्गत सोलर पीवी निर्माताओं का चयन पारदर्शी प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया से होगा। उच्च दक्षता वाले सौर पीवी मॉड्यूल की बिक्री पर सौर पीवी विनिर्माण संयंत्रों के चालू होने के 5 वर्ष बाद पीएलआई का वितरण किया जाएगा।

बिजली और नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह ने नवंबर-2021 में पीटीआई को बताया था, “हम 4,500 करोड़ रुपये की पीएलआई योजना (सौर सेल और मॉड्यूल के लिए) लाए। हमने बोलियां आमंत्रित कीं और सौर उपकरणों की 54,500 मेगावॉट उत्पादन क्षमता मिली। हमने सरकार से पीएलआई के तहत 19,000 करोड़ रुपये और स्वीकृति करने को कहा, जिसे (सैद्धांतिक रूप से) स्वीकृति दे दी गई। अब हमारे पास 24,000 करोड़ रुपये का पीएलआई होगा। हम सौर उपकरण निर्यात करेंगे।’

उन्होंने कहा, “पंचामृत में उल्लिखित निम्न कार्बन विकास रणनीति, जिसकी प्रधानमंत्री ने घोषणा की थी, यह सतत विकास के प्रति केंद्र की मजबूत प्रतिबद्धता दर्शाती है।”