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प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 2023 में बनेंगे 80 लाख घर, ₹48,000 करोड़ आवंटित

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को अगले वित्तीय वर्ष के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) के तहत ग्रामीण और शहरी दोनों तरह के 80 लाख आवासों को पूरा करने के लिए 48,000 करोड़ रुपये के आवंटन की घोषणा की।

बजट भाषण में मंत्री ने कहा, “2022-23 में ग्रामीण और शहरी दोनों पीएम आवास योजना के चिह्नित पात्र लाभार्थियों के लिए 80 लाख घरों का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए 48,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।”

उन्होंने कहा कि केंद्र किफायती आवास योजना के लिए राज्य सरकारों के साथ काम करेगा, ताकि इस योजना के लिए भूमि अधिग्रहण और निर्माण संबंधी स्वीकृति मिलने के लिए लगने वाले समय को कम किया जा सके।

वित्त मंत्री ने कहा, “हम मध्यस्थता की लागत में कमी के साथ पूंजी तक पहुँच बढ़ाने के लिए वित्तीय क्षेत्र के नियामकों के साथ भी काम करेंगे।”

बेहतर भूमि अभिलेख प्रबंधन के लिए निर्मला सीतारमण ने कहा, “रिकॉर्ड के आईटी-आधारित प्रबंधन की सुविधा के लिए राज्यों को विशिष्ट भूमि पार्सल पहचान संख्या अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। अनुसूची आठवीं की किसी भी भाषा में भूमि अभिलेखों के लिप्यंतरण की सुविधा भी शुरू की जाएगी।”

राष्ट्रीय सामान्य दस्तावेज पंजीकरण प्रणाली (एनजीडीआरएस) के साथ एक राष्ट्र, एक पंजीकरण सॉफ्टवेयर को अपनाने या जोड़ने को पंजीकरण के लिए एक समान प्रक्रिया और विलेखों व दस्तावेजों के कहीं भी पंजीकरण के विकल्प के रूप में बढ़ावा दिया जाएगा।

सोमवार को अर्थव्यवस्था सर्वेक्षण ने इस पर प्रकाश डाला कि प्रधानमंत्री आवास योजना- ग्रामीण कार्यक्रम के तहत 2020-21 में 33.99 लाख घरों और 25 नवंबर 2021 तक 26.20 लाख इकाइयों को पूरा किया गया।

प्रधानमंत्री आवास योजना- शहरी के लिए सर्वेक्षण में कहा गया कि वित्त वर्ष 2021 में 14.56 लाख घर पूरे हुए। 2021-22 में दिसंबर 2021 तक 4.49 लाख घरों का निर्माण पूरा किया गया।