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पेट्रोल व डीज़ल आ सकते हैं जीएसटी दायरे में, 17 सितंबर की बैठक में होगी चर्चा- रिपोर्ट

वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद् शुक्रवार (17 सितंबर) को अपनी अगली बैठक में पेट्रोल व डीज़ल को जीएसटी ढाँचे में सम्मिलित करने पर चर्चा कर सकती है।

पेट्रोल व डीज़ल दोनों वर्तमान में जीएसटी के दायरे से बाहर हैं और केंद्र द्वारा केंद्रीय उत्पाद शुल्क और राज्यों द्वारा विभिन्न दरों पर मूल्य वर्धित कर को आकर्षित करते हैं।

इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, जीएसटी परिषद् की शुक्रवार को होने वाली बैठक के दौरान केंद्र जून 2022 के बाद वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) की कमी को पूरा करने के लिए राज्यों के सामने कुछ विकल्प रख सकता है।

इसके अतिरिक्त, परिषद् कोविड-19 उपचार की औषधियों और दवाओं पर जीएसटी दर में कमी को 31 दिसंबर तक बढ़ाने पर विचार करेगी। यह सौर पीवी मॉड्यूल पर जीएसटी दरों को 5 प्रतिशत से बढ़ाकर 12 प्रतिशत करने पर भी विचार कर सकती है।

ईटी की रिपोर्ट में इस विकास से अवगत एक व्यक्ति के हवाले से कहा गया कि पेट्रोल व डीज़ल को जीएसटी ढाँचे के तहत सम्मिलित करने के मुद्दे पर भी चर्चा की जा सकती है।

रिपोर्ट के अनुसार, जीएसटी परिषद् सचिवालय ने केरल उच्च न्यायालय के आदेश के बाद परिषद् से पेट्रोल व डीज़ल को जीएसटी संरचना में सम्मिलित करने पर निर्णय लेने के लिए कहा है।