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भाजपा ने मायावती के वोट बैंक को चोट पहुँचाने हेतु बेबी रानी मौर्य को बनाया दलित चेहरा

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पूर्व दलित मतदाताओं विशेषकर जाटव समुदाय तक अपनी पहुँच बनाने, जो मायावती के वोट बैंक का आधार हैं, के लिए भाजपा ने दलित चेहरे के रूप में उत्तराखंड की पूर्व राज्यपाल व पार्टी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बेबी रानी मौर्य को प्रस्तुत करना शुरू कर दिया है।

दि इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, भाजपा अनुसूचित जाति समुदायों के लोगों की उपस्थिति सुनिश्चित करने को उन्हें सम्मानित करने हेतु लगातार कार्यक्रम कर रही है। समारोहों के लिए भाजपा होर्डिंग्स और औपचारिक प्रचार में बेबी रानी मौर्य के नाम के साथ जाटव जोड़कर उनकी दलित पहचान को भी उजागर कर रही है।

भाजपा के अनुसूचित जाति मोर्चा की अवध क्षेत्र इकाई ने 13 अक्टूबर को बेबी रानी मौर्य को सम्मानित करने के लिए लखनऊ में एक समारोह किया था। उन्होंने कार्यक्रम में कहा था कि अनुसूचित जाति समुदायों के लोगों को भाजपा में सबसे अधिक सम्मान मिलता है। इसके लिए उन्होंने अपना उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा ने उनके जैसे साधारण पार्टी कार्यकर्ता को मेयर, फिर राज्यपाल और अब पार्टी का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया है।

उन्होंने सभा से अपील की कि 2022 के चुनावों में 350 सीटों के लक्ष्य को हासिल करने में भाजपा का समर्थन करें।

मौर्य ने कहा, “मैं मूलरूप से जाटव हूँ और अपने समुदाय के लिए काम करूँगी। हर जगह जाति की राजनीति होती है। हमें समुदाय की सहायता हेतु अपनी जाति भी बतानी होगी। जाटव समुदाय के बुद्धिजीवी मुझसे संपर्क कर रहे हैं और पार्टी से जुड़ रहे हैं।”