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भारत बायोटेक को नाक से दी जाने वाली वैक्सीन के चरण-3 के परीक्षण की स्वीकृति मिली

भारत बायोटेक को भारतीय औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) से अपने कोविड-19 इंट्रा-नेज़ल वैक्सीन (बीबीवी154) के लिए चरण-3 परीक्षण करने की स्वीकृति मिल गई है। इस संबंध में कंपनी के सूत्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि परीक्षण दो खुराक वाली प्राथमिक कार्यक्रम और बूस्टर खुराक कार्यक्रम के रूप में उपयोग करने के लिए नाक के टीके का मूल्यांकन करेंगे।

सूत्रों ने कहा, बीबीवी154 (नाक से दी जाने वाली कोविड वैक्सीन) को तीसरे चरण के नैदानिक ​​​​परीक्षणों के लिए स्वीकृति मिल गई है।

एक इंट्रा-नेज़ल वैक्सीन ना केवल लगानी आसान होगी बल्कि अन्य लोगों के बीच सुइयों और सीरिंज के उपयोग को भी कम करेगी। भारत बायोटेक के अध्यक्ष कृष्णा एला ने कहा था कि यह टीकाकरण अभियान की कुल लागत को भी प्रभावित करेगी।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, भारत बायोटेक की नाक वाली वैक्सीन को पहले से टीका ले चुके लोगों को बूस्टर डोज के तौर पर उपयोग करने का प्रस्ताव दिया है। इस वैक्सीन का परीक्षण ऐसे लोगों पर किया जाएगा जिन्होंने पहले कोवाक्सिन ले रखी है।

भारत बायोटेक ने पहले ही घोषणा की थी कि उसके द्वारा निर्मित यह नाक से दी जाने वाली वैक्सीन बच्चों के लिए सुरक्षित व सहन करने योग्य है। वैज्ञानिकों का कहना है कि यह वैक्सीन नाक व फेफड़ों में मजबूत प्रतिरक्षा तंत्र का निर्माण करेगी। इससे वायरस संक्रमण के विरुद्ध सुरक्षा में मदद मिलेगी।