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ब्राज़ील में वैक्सीन के अनुबंधों में भ्रष्टाचार पर भारत बायोटक ने करार समाप्त किया

ब्राज़ील की दवा निर्माता कंपनी प्रेसीसा मेडिकामेंटॉस और एनविक्सिया फार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड के साथ भारत बायोटेक ने शुक्रवार (24 जुलाई) को कोविड-19 के अपने टीके कोवैक्सीन के कारोबार में सहयोग के करार को समाप्त कर दिया। वहाँ वैक्सीन के अनुबंधों में भ्रष्टाचार के आरोप लगने के बाद भारतीय कंपनी ने यह कदम उठाया।

हिंदुस्तान लाइव की रिपोर्ट के अनुसार, हैदराबाद की कंपनी ने कहा, “हमने तत्काल प्रभाव के साथ ज्ञापन समझौता समाप्त कर दिया है। इसके बावजूद हम वहाँ के नियामक से अनुमोदन प्राप्त करने की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए दवा नियामक निकाय एएनवीआईएसए के साथ काम करना जारी रखेंगे।”

भारतीय कंपनी ने आगे कहा कि कानूनी आवश्यकताओं के अनुसार कई देशों में कोवैक्सीन के लिए स्वीकृति प्राप्त करने का हम पूरा प्रयास कर रहे हैं। वहीं, ब्राज़ील में भ्रष्टाचार के आरोप लगने के बाद वहाँ के अधिकारियों ने मामले की जाँच भी शुरू कर दी है।

बता दें कि गत वर्ष ब्राज़ील सरकार के साथ कोवैक्सीन की दो करोड़ खुराक की आपूर्ति का समझौता हुआ था। कंपनी ने बताया कि वैश्विक स्तर पर उनकी वैक्सीन का मूल्य 15 से 20 डॉलर के मध्य रखा गया है। हालाँकि, ब्राज़ील सरकार के लिए 15 डॉलर प्रति खुराक रखा गया था।