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एनआईए ने अल-हिंद मॉड्यूल मामले में आतंकी के विरुद्ध पूरक आरोप-पत्र दायर किया

राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (एनआईए) ने बेंगलुरू में एनआईए की विशेष न्यायालय में अल-हिंद मॉड्यूल मामले में एक इस्लामिक स्टेट (आईएस) के आतंकी के विरुद्ध पूरक आरोप पत्र दायर किया।

आरोपी शिहाबुद्दीन के विरुद्ध शुक्रवार (3 सितंबर) को आईपीसी की धारा 120 बी, शस्त्र अधिनियम 1959 की धारा 25 (1) (ए) और गैरकानूनी गतिविधियाँ (रोकथाम) अधिनियम की धारा 18, 20, 38 और 39 के तहत आरोप पत्र दायर किया गया।

इससे पूर्व, महबूब पाशा और 16 अन्य के विरुद्ध बेंगलुरु के सुद्दागुंटेपल्या पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

आतंकवाद, हिंदू नेताओं की हत्या से संबंधित तमिलनाडु में दर्ज कई मामलों में आरोपी खाजा मोइदीन के सहयोग से बेंगलुरु के गुरप्पनपाल्या के आरोपी महबूब पाशा ने दक्षिण भारत में युवा मुसलमानों की भर्ती करके एक आतंकवादी समूह बनाया था।

उसने बेंगलुरु को अपने आधार के रूप में चुना था और 2019 से कर्नाटक एवं तमिलनाडु में कई आपराधिक षड्यंत्रों को लेकर बैठकें की थीं। उसने प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन, आईएसआईएस की विचारधारा का प्रचार किया और पुलिस अधिकारियों एवं हिंदू नेताओं की हत्या के लिए हथियार व विस्फोटक एकत्रित करने का षड्यंत्र रचा था।

एनआईए ने 23 जनवरी 2020 को पुनः मामला दर्ज किया और जाँच शुरू की थी। जाँच में पता चला कि शिहाबुद्दीन बड़े षड्यंत्र का हिस्सा था और खाजा मोइदीन के निर्देशों के अनुसार मुंबई में हथियार और गोला-बारूद अन्य आरोपियों को सौंप चुका था। उनका उपयोग तमिलनाडु पुलिस के एसएसआई विल्सन की हत्या में किया गया था। आगे की जाँच अभी जारी है।