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“बेंगलुरु-मैसूर एक्सप्रेसवे अक्टूबर 2022 तक पूरा हो जाएगा”- नितिन गडकरी

8,172 करोड़ रुपये की लागत वाला बेंगलुरु-मैसूर एक्सप्रेसवे अक्टूबर 2022 तक पूरा हो जाएगा। यह कर्नाटक के प्रमुख शहरों के मध्य यात्रा के समय को वर्तमान के तीन घंटों से घटाकर 75 मिनट करने के लिए तैयार हो रहा है।

एनएच-275 का बेंगलुरु-निदाघट्टा-मैसूर खंड कर्नाटक में 117 किमी लंबा राजमार्ग खंड है। अब इसे 10-लेन के उपयोग वाले नियंत्रित राजमार्ग के रूप में विस्तारित किया जा रहा है।

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा, “बेंगलुरु-मैसूर एक्सप्रेसवे दो महत्वपूर्ण शहरों के मध्य संपर्क को बढ़ाएगा और इस क्षेत्र में पर्यटन व अर्थव्यवस्था को गति प्रदान करेगा। इसका निर्माण कार्य पूरा होने के करीब है और अक्टूबर 2022 तक पूरा हो जाएगा।”

दोनों शहरों के मध्य आर्थिक गलियारा परियोजना को भारतमाला परियोजना चरण-1 के तहत क्रियान्वित किया जा रहा है और इसकी लागत 8,000 करोड़ रुपये से अधिक होने का अनुमान है। एक्सप्रेसवे परियोजना को दो पैकेज के तहत विकसित किया जा रहा है। पहला बेंगलुरु से मद्दुर तालुक में निदाघट्टा तक चलता है और दूसरा पैकेज निदाघट्टा को मैसूर से जोड़ता है।

भोपाल स्थित दिलीप बिल्डकॉन को दोनों पैकेजों बेंगलुरु से निदगट्टा तक 56 किलोमीटर और निदगट्टा से मैसूर तक 61 किलोमीटर के निर्माण का ठेका दिया गया था।

इसके दायरे में 8 किलोमीटर लंबे ऊँचे गलियारे, नौ बड़े पुल, 42 छोटे पुल, 64 अंडरपास, 11 ओवरपास, चार आरओबी (सड़क ऊपरी पुल) और पाँच बाईपास का निर्माण भी सम्मिलित है। 10-लेन राजमार्ग में दोनों तरफ दो सर्विस रोड भी हैं।

बेंगलुरु-मैसुरु एक्सप्रेसवे अक्टूबर 2022 तक पूरा हो जाएगा: नितिन गडकरी