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बेंगलुरु-मैसूर एक्सप्रेसवे का 80 प्रतिशत काम पूरा, अक्टूबर 2022 तक होगा तैयार

8,172 करोड़ रुपये का बेंगलुरु-मैसूर एक्सप्रेसवे, जो कर्नाटक के प्रमुख शहरों के मध्य यात्रा के समय को मौजूदा 3 घंटों से 90 मिनट से कम करने के लिए तैयार है, अब अक्टूबर 2022 की अपनी संशोधित समय सीमा को पूरा करने के लिए रास्ते पर है।

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अधिकारियों के मुताबिक, पहला चरण बेंगलुरु से मांड्या जिले के निदाघट्टा तक मई 2022 तक तैयार हो जाएगा। वहीं, दूसरा चरण निदाघट्टा से मैसूर तक सितंबर तक पूरा हो जाएगा।

हालाँकि, कोविड-19 महामारी के मध्य कार्यबल और सामग्री की कमी ने गत दो वर्षों में 117 किलोमीटर लंबी इस परियोजना की समय सीमा को बार-बार आगे बढ़ाया है, जबकि अब भूमि अधिग्रहण का कोई मुद्दा नहीं है।

न्यू इंडियन एक्सप्रेस को एनएचएआई के एक अधिकारी ने बताया कि चरण-1 में 83 प्रतिशत काम पूरा हो गया है, जो 56.2 किमी तक चला है। वहीं, 78 प्रतिशत काम चरण-2 में पूरा किया गया है, जो 61.1 किमी तक चला है।

उन्होंने कहा, “बेंगलुरु-निदाघट्टा खंड में आरआर मेडिकल कॉलेज से क्राइस्ट यूनिवर्सिटी तक के एलिवेटेड खंड का कार्य लगभग 85 प्रतिशत पूरा हो गया है और तीन पुल तैयार हैं, जबकि चौथा तैयार किया जा रहा था।”

उन्होंने बताया, “निदाघट्टा से मैसूर खंड में 3.38 किलोमीटर एलिवेटेड हाईवे के लिए नींव और कास्टिंग का काम पूरा हो गया है। खंडों और पंखों का निर्माण प्रगति पर है और हम कह सकते हैं कि कुल काम का 78 प्रतिशत पूरा हो गया है।”

भोपाल स्थित दिलीप बिल्डकॉन द्वारा 10-लेन बेंगलुरु-मैसूर एक्सप्रेसवे के दो खंड बेंगलुरु से निदगट्टा तक 56 किमी और निदगट्टा से मैसूर तक 61 किमी बनाए जा रहे हैं।