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बीजिंग शीतकालीन ओलंपिक- कृत्रिम बर्फ हेतु शुष्क क्षेत्र झानजियाकोउ पड़ा मुश्किल में

बीजिंग शीतकालीन ओलंपिक मुख्य रूप से दो स्थलों यानकिंग और झानजियाकोउ में होंगे। इन दोनों स्थलों पर बहुत मुश्किल से कोई हिमपात होता है।

इसके परिणामस्वरूप बीजिंग शीतकालीन ओलंपिक पूरी तरह से कृत्रिम बर्फ पर निर्भर होने वाला पहला शीतकालीन ओलंपिक होगा। चीन कृत्रिम बर्फ बनाने के लिए 20 लाख क्यूबिक मीटर से अधिक पानी का उपयोग कर रहा है।

बीजिंग झानजियाकोउ के एक जिले से लगभग 10 प्रतिशत उपभोग योग्य पानी की निकासी कर रहा है, जो पहले से ही शुष्क क्षेत्र है। वहाँ ज्यादातर लोग आजीविका के लिए कृषि पर निर्भर हैं। हांगकांग स्थित एक पर्यावरण समूह चाइना वॉटर रिस्क के अनुसार, आधे से अधिक झानजियाकोउ बहुत अधिक जल तनावग्रस्त है।

चीन 2015 से कृषि और ग्रामीण झांगजियाकौ को पर्यटन केंद्र में बदलने के लिए भारी निवेश कर रहा है।

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में एक अध्ययन का हवाला देते हुए कहा गया, “झानजियाकोउ को परिवर्तित करने के लिए जोर देने से इस क्षेत्र में पानी की गंभीर कमी हो जाएगी, जो देश में सबसे खराब स्थिति में है।”

चीन का दावा है कि उसका लक्ष्य इस क्षेत्र के 430,000 निवासियों को गरीबी से बाहर निकालना है। गत कुछ वर्षों में झानजियाकोउ ने सात संपन्न स्की रिसॉर्ट का निर्माण देखा है।

हालाँकि, चीनी कम्युनिस्ट पार्टी का लक्ष्य वास्तव में गरीबी उन्मूलन से कम और घमंड के साथ दुनिया को चीन की महिमा दिखाने की इच्छा से अधिक प्रेरित हो सकता है।

रिपोर्ट के अनुसार, 54 वर्षीय रेन को अपना घर स्थानांतरित करना पड़ा क्योंकि एक सुख-सुविधाओं से संपन्न होटल के निर्माण के लिए उनके पूरे गाँव को ध्वस्त कर दिया गया। वह एक किसान थे लेकिन अब उनके पास एक नया काम है। उनका काम हर सुबह सड़क से बर्फ साफ करना है, जिसके उन्हें पैसे भी बहुत कम मिलते हैं।