समाचार
अयोध्या मास्टर प्लान-2031 में रिंग रोड के किनारों पर औद्योगिक गलियारों का प्रस्ताव रखा

अयोध्या विकास प्राधिकरण (एडीए) द्वारा तैयार किए जा रहे मास्टर प्लान-2031 में रिंग रोड के दोनों किनारों पर औद्योगिक गलियारों का प्रस्ताव रखा है और राज्य सरकार से अनुमति मिलने के बाद सटीक औद्योगिक क्षेत्र का पता लगाया जाएगा।

अयोध्या से भाजपा विधायक वेद प्रकाश गुप्ता ने कहा, “अयोध्या का मास्टर प्लान अंतिम चरण में है। राज्य सरकार के नगर नियोजन विभाग ने भी दस्तावेज की जाँच की है।”

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, नया औद्योगिक क्षेत्र 50 से 100 एकड़ के मध्य होगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार ने अयोध्या के लिए दो विकास योजनाओं- दृष्टि दस्तावेज और मास्टर प्लान-2031 को अनुमति दी है। वहीं, मास्टर प्लान एडीए के अधिकार क्षेत्र के भीतर के क्षेत्रों को कवर करता है। दृष्टि दस्तावेज अयोध्या के आस-पास के क्षेत्रों के लिए योजना बनाता है।

अयोध्या में बस टर्मिनल, राजमार्ग पर दो और बस टर्मिनल, मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम एयरपोर्ट और मेडिकल कॉलेज सहित अन्य विकास योजना का हिस्सा हैं।

राम मंदिर को पूरा करने से पहले योगी आदित्यनाथ सरकार अयोध्या में आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर पर ध्यान केंद्रित कर रही है।

पहले चरण में राज्य सरकार 280 करोड़ रुपये में 20,000 घरों को 150 किलोमीटर सीवर नेटवर्क से जोड़ रही है। दूसरे चरण में 320 करोड़ रुपये की लागत से 20,316 घरों के लिए 191 किलोमीटर सीवर लाइन बिछाएगी।

20,000 घरों में पाइप से पानी की आपूर्ति के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) भी तैयार की गई थी। इस परियोजना में 105 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत सम्मिलित थी।

अन्य कार्यों में 49 करोड़ रुपये की लागत से एक एकीकृत यातायात प्रबंधन प्रणाली (आईटीएमएस), शहर में सात पार्क और लगभग दस हेक्टेयर भूमि में एक लैंडफिल साइट सम्मिलित है।