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लद्दाख में बीआरओ ने विश्व की सबसे ऊँची सड़क बनाई, गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज

सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने लद्दाख के उमलिंगला दर्रे पर 19,024 फीट पर विश्व की सबसे ऊँची मोटर योग्य सड़क के निर्माण और ब्लैक टॉपिंग के लिए गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड का प्रमाण-पत्र प्राप्त किया।

महानिदेशक सीमा सड़क (डीजीबीआर) लेफ्टिनेंट जनरल राजीव चौधरी ने बीआरओ की उपलब्धि के लिए मंगलवार (16 नवंबर) को गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड का प्रमाण-पत्र प्राप्त किया।

रक्षा मंत्रालय ने मंगलवार को एक बयान में कहा, “एक वर्चुअल समारोह में यूनाइटेड किंगडम में स्थित गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के आधिकारिक निर्णायक ऋषि नाथ ने विश्व में सबसे अधिक ऊँचाई वाली सड़क के निर्माण के लिए बीआरओ की उल्लेखनीय उपलब्धि को स्वीकार किया।

मंत्रालय ने कहा कि गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स द्वारा की गई चार महीने की लंबी प्रक्रिया में पाँच अलग-अलग सर्वेक्षकों ने दावे की पुष्टि की।

52 किलोमीटर लंबी चिसुमले से डेमचोक टरमैक सड़क 19,024 फीट ऊँचे उमलिंगला दर्रे से होकर गुजरती है और बोलीविया में एक सड़क के पिछले रिकॉर्ड को बेहतर बनाती है, जो ज्वालामुखी उटुरुंकु को 18,953 फीट पर जोड़ती है।

मंत्रालय ने कहा कि उमलिंगला दर्रा सड़क पुनरुत्थानशील भारत की उपलब्धि में एक और मील का पत्थर है क्योंकि इसका निर्माण माउंट एवरेस्ट के उत्तर और दक्षिण बेस कैंप से अधिक ऊंचाई पर किया गया है, जो क्रमशः 16,900 फीट और 17,598 फीट की ऊँचाई पर हैं।

इस अवसर पर डीजीबीआर लेफ्टिनेंट जनरल राजीव चौधरी ने उमलिंगला पास तक सड़क निर्माण के दौरान सामना बीआरओ को करना पड़ा। उन्होंने कहा कि यह प्रोजेक्ट मानवीय साहस और मशीनों की क्षमता दोनों के लिए परीक्षा की तरह था, जहाँ ठंड के दिनों में तापमान शून्य से 40 डिग्री तक और ऑक्सीजन लेवल सामान्य से 50 प्रतिशथ तक कम हो जाते हैं। वहीं, यह क्षेत्र प्राकृतिक तौर पर तो हमेशा ही कठिन रहता है।