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गैर-जीवाश्म ईंधनों से विद्युत उत्पादन कुल स्थापित क्षमता की 39 प्रतिशत तक पहुँची- केंद्र

गैर-जीवाश्म ईंधनों से कुल बिजली उत्पादन कुल स्थापित क्षमता की 39 प्रतिशत तक पहुँच गई है। यह जानकारी मंगलवार (27 जुलाई) को सरकार ने दी।

केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा, “भारत सरकार ने वर्ष 2022 तक अक्षय ऊर्जा की 1.75 लाख मेगावाट क्षमता स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया था। इसमें सौर से 1 लाख मेगावाट, पवन से 60,000 मेगावाट, बायोमास से 10,000 मेगावाट और लघु हाइड्रो से 5,000 मेगावाट सम्मिलित हैं।”

मंत्री की ओर से जारी बयान में कहा गया कि 30 जून तक स्थापित, विकासशील और अनुबंधित अक्षय ऊर्जा की कुल क्षमता 96.95 गीगावॉट थी। इसमें बड़े हाइड्रो सम्मिलित नहीं हैं, जो भी अक्षय ऊर्जा के स्रोत ही हैं।

मंत्री ने कहा, “30 जून तक गैर-जीवाश्म ईंधन की स्थापित कुल बिजली उत्पादन क्षमता 150.06 गीगावाट थी, जो कुल स्थापित क्षमता का 39 प्रतिशत है।”

उन्होंने आगे कहा कि भारत अपने राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान (एनडीसी) लक्ष्य को प्राप्त करने और उसे पार करने के मार्ग पर अग्रसर है, जो 2030 तक गैर-जीवाश्म-ईंधनों के 40 प्रतिशत योगदान की बात करती है।