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विश्व के 5% की अपेक्षा भारत में 15% से अधिक महिला पायलटों की भागीदारी- सरकार

केंद्र सरकार ने सोमवार (6 दिसंबर) को कहा कि भारत में महिला पायलटों की भागीदारी 15 प्रतिशत है, जो अंतर-राष्ट्रीय औसत 5 प्रतिशत से काफी अधिक है।

नागरिक उड्डयन मंत्रालय में केंद्रीय राज्य मंत्री जनरल (सेवानिवृत्त) वीके सिंह ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा, “ईजीसीए (नागरिक उड्डयन के लिए ई-गवर्नेंस) के पास उपलब्ध जानकारी के अनुसार, भारत में 17,726 पंजीकृत पायलटों में से महिला पायलटों की संख्या 2,764 है।”

उन्होंने कहा कि नागरिक उड्डयन मंत्रालय और उससे जुड़े संगठनों ने देश में पायलटों के प्रशिक्षण को बढ़ावा देने के लिए कई आवश्यक कदम उठाए हैं।

मंत्री ने कहा कि नागर विमानन मंत्रालय और इससे जुड़े संगठनों ने देश में पायलटों के प्रशिक्षण को बढ़ावा देने हेतु कई कदम उठाए हैं। इनमें भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (बेलगावी, जलगाँव, कालाबुरागी, खजुराहो और लीलाबाड़ी) के पाँच हवाई अड्डों पर तर्कसंगत भूमि शुल्क आदि के साथ नौ नए उड़ान प्रशिक्षण संगठनों (एफटीओ) के लिए पुरस्कार पत्र जारी करना, नियामक डीजीसीए में अनुमोदन प्रक्रियाओं का डिजिटलीकरण और उड़ान प्रशिक्षकों आदि का अधिक सशक्तिकरण सम्मिलित है।

उन्होंने कहा, “इन उपायों से एफटीओ में उड़ान के घंटे और प्रतिवर्ष जारी किए जाने वाले वाणिज्यिक पायलट लाइसेंसों की संख्या में वृद्धि होने की संभावना है। इससे महिला पायलटों सहित सभी इच्छुक पायलटों को लाभ होगा।”

मंत्री ने कहा कि वुमेन इन एविएशन इंटरनेशनल (डब्ल्यूएआई)- इंडिया चैप्टर देश भर में नागरिक उड्डयन मंत्रालय, उद्योग और प्रमुख महिला विमानन पेशेवरों के सहयोग से कई जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करता है। विशेष रूप से कम आय वाले परिवारों की युवा स्कूली छात्राओं पर विशेष ध्यान देता है।

वीके सिंह ने कहा, “इंटरनेशनल सोसाइटी ऑफ वीमेन एयरलाइन पायलट्स के अनुसार, विश्व स्तर पर लगभग 5 प्रतिशत महिलाएँ पायलट हैं। भारत में महिला पायलटों की हिस्सेदारी काफी अधिक है, जो 15 प्रतिशत से अधिक है। “