समाचार
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव- कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के मध्य मतगणना प्रारंभ

उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों के लिए मतगणना गुरुवार सुबह तीन स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था और सभी केंद्रों पर कैमरों की निगरानी में  शुरू हुई।

एक वरिष्ठ चुनाव अधिकारी ने कहा, “राज्य के सभी 75 जिलों में मतगणना सुबह 8 बजे शुरू हुई और सबसे पहले डाक मतपत्रों की गिनती हुई। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में पाँच मशीनों की वीवीपैट (वोटर वेरिफाइड पेपर ऑडिट ट्रेल) पर्चियों की गिनती की जा रही है।”

उन्होंने कहा, “सभी मतगणना केंद्रों पर कैमरे लगे हैं। हर विधानसभा क्षेत्र में बिना रुकावट के मतगणना के लिए पर्याप्त एआरओ (सहायक रिटर्निंग अधिकारी) तैनात हैं। कोविड प्रोटोकॉल भी बनाए रखा जा रहा है।”

अधिकारी ने कहा कि कुछ राजनीतिक दलों द्वारा आपत्ति जताए जाने के बाद सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए और वरिष्ठ अधिकारी मतगणना प्रक्रिया पर कड़ी नजर रखे हैं। तीन स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई है। इसमें केंद्रीय पुलिस बल, प्रांतीय सशस्त्र कांस्टेबल और राज्य पुलिस सम्मिलित है।

पुलिस ने कहा कि 250 सीएपीएफ कंपनियों को तैनात किया गया है। एक सीएपीएफ कंपनी में आमतौर पर लगभग 70-80 कर्मचारी होते हैं।

अधिकारियों ने कहा कि यूपी पुलिस के 625 राजपत्रित अधिकारी, 1,807 निरीक्षक, 9,598 उप निरीक्षक, 11,627 हेड कांस्टेबल और 48,649 कांस्टेबल भी तैनात किए गए हैं।

बता दें कि चुनाव के लिए आदर्श आचार संहिता 8 जनवरी से लागू हो गई थी। उत्तर प्रदेश में भाजपा जहाँ अपनी सत्ता बरकरार रखने का प्रयास कर रही है। वहीं सपा प्रमुख दावेदार बनकर उभरी है।

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने मंगलवार को भाजपा पर वोट चुराने का प्रयास करने का आरोप लगाया था और दावा किया था कि वाराणसी में ईवीएम ले जा रहे एक ट्रक को अवरुद्ध किया गया था।

चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि मशीनें मतगणना ड्यूटी पर अधिकारियों के प्रशिक्षण के लिए थीं और चुनाव में इसका उपयोग नहीं किया गया था।