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असम व राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड ने ₹2,000 करोड़ के संयुक्त उद्यम हेतु समझौता किया

असम सरकार और राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड ने शुक्रवार को क्षेत्र के समग्र विकास हेतु 2,000 करोड़ रुपये का संयुक्त उद्यम बनाने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए।

केंद्रीय पशुपालन और डेयरी मंत्री पुरुषोत्तम रूपाला, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा, राज्य के कृषि मंत्री अतुल बोरा और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में गुवाहाटी में एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।

एमओयू के तहत 2000 करोड़ रुपये में एक संयुक्त वेंचर कंपनी स्थापित की जाएगी, जिसका लक्ष्य 7 वर्ष में 6 नई इकाइयों के माध्यम से 10 लाख लीटर दूध का प्रसंस्करण करना है।

4,100 से अधिक डेयरी सहकारी समितियों के दूध को संसाधित, पैक और विपणन किया जाएगा। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि इससे राज्य में डेयरी फार्म से जुड़े 1,75,000 से अधिक किसानों को लाभ होगा और उनकी आय में वृद्धि होगी।

समझौते के तहत दो पशु चारा और जैविक खाद निर्माण इकाइयाँ भी स्थापित होंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि दूध उत्पादकों को उनकी उपज के बाज़ार मूल्य में उतार-चढ़ाव के लिए सब्सिडी प्रदान की जाएगी और सभी सहकारी समितियों से असम के आर्थिक विकास के लिए स्वस्थ प्रतिस्पर्धा में सम्मिलित होने का आग्रह किया जाएगा।

पुरुषोत्तम रूपाला ने कहा कि पशुपालन के क्षेत्र में नई तकनीक किसानों तक अवश्य पहुँचे, ताकि उन्हें इसका लाभ मिल सके।

डेयरी विकास परियोजना के हिस्से के रूप में असम के किसानों को उच्च लाभ सुनिश्चित करने के लिए 15,000 से अधिक दूध देने वाली गिर गायों को असम लाया जाएगा। यह संयुक्त उद्यम एनडीडीबी द्वारा निर्देशित और प्रबंधित किया जाएगा और यह तकनीकी नवाचारों को पेश करेगा।

इस दौरान मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री ने विश्व बैंक द्वारा वित्त पोषित असम कृषि व्यवसाय और ग्रामीण परिवहन परियोजना के तहत गुवाहाटी स्थित पूरबी डेयरी की विस्तार पहल की आधारशिला भी रखी।