समाचार
असम मुख्यमंत्री ने सीमा विवाद का कारण गौ मांस एवं मादक पदार्थों के नए कानून बताया

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मंगलवार को कहा कि राज्य सरकार ने नशीले पदार्थों की तस्करी और अपने क्षेत्र में गौ मांस के परिवहन को प्रतिबंधित करने वाले नए कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की थी। इससे मिज़ोरम में सोमवार (26 जुलाई) को गैर-राज्य के तत्व भड़क गए और हिंसा में पाँच पुलिसवाले वीरगति को प्राप्त हो गए।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने कहा, “मादक पदार्थ म्यांमार से आते हैं और मिज़ोरम एवं असम की बराक घाटी से होते हुए पंजाब तक जाते हैं।” उन्होंने अपने समकक्ष जोरमथंगा से इसकी जाँच का आग्रह करते हुए कहा, “लोग लड़ाई वाली वर्दी और बुलेटप्रूफ जैकेट में हमारे पुलिसकर्मियों पर स्नाइपर राइफलों से हमला करने के लिए सीमा पर कैसे आ सकते हैं। मुझे लगता है कि इसकी जाँच होनी चाहिए कि क्या कुछ निहित गैर-राज्य के तत्व हिंसा भड़काने के लिए आगे आ रहे हैं।”

असम मुख्यमंत्री ने कहा, “मेरे पास संदेह के सशक्त कारण हैं कि गत दो माह में असम सरकार के कुछ निर्णयों ने मिज़ोरम में गैर-राज्य तत्वों को नाराज किया।” उन्होंने संकेत दिया कि मिजोरम में प्रवेश करने वाले म्यांमार के शरणार्थियों के एक वर्ग को शरण स्थल देने से राज्य का मना करना उनके लिए गुस्से की एक वजह हो सकता है।

उन्होंने कहा, “मैंने मिज़ोरम सरकार से कहा कि असम म्यांमार के इन लोगों को केंद्र की स्पष्ट स्वीकृति के बिना (दीमा हसाओ जिले में) शरण स्थल नहीं दे सकता है। हो सकता है कि इसने मिज़ोस के एक वर्ग को उकसाया हो।”

हिमंत बिस्वा सरमा ने साफ किया कि असम जवाबी कार्रवाई नहीं करेगा और कभी भी जवाबी कार्रवाई के माध्यम से नागरिकों के जीवन को खतरे में नहीं डालेगा।