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मेरठ में मिला मौर्य कालीन चबूतरा, खोए अशोक स्तंभ स्थल को ढूंढना हुआ संभव

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के हाल ही में बनाए गए मेरठ सर्कल ने 2000 वर्ष पूर्व के मौर्य काल के ईंट चबूतरा के रूप में पहचाने गए अवशेषों की खोज की। विशेष बात यह है कि मेरठ के आबादी वाले इस क्षेत्र पर अब तक किसी का भी ध्यान नहीं गया था।

इसके अतिरिक्त, यह संरचना कथित तौर पर तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व से अशोक स्तंभ के खोए स्थान को ढूंढने में सहायता कर सकती है।

टाइम्स ऑफ इंडिया के हवाले से एएसआई के मेरठ सर्कल के अधीक्षण पुरातत्वविद् ब्रजसुंदर गणनायक ने कहा, “संरचना का एक बड़ा हिस्सा विकास पुरी में 30 से 35 मीटर के चबूतरे के रूप में है। प्राचीन स्थल निस्संदेह मौर्य काल में से एक है क्योंकि ईंटें उस युग की विशिष्ट हैं।”

गणनायक ने कहा कि उन्हें उस समय के मिट्टी के पात्र और बर्तन भी मिले हैं। इसके अतिरिक्त, एक प्राचीन नहर मार्ग, जो काली नदी से जुड़ती है, का भी पता चला है।

इस खोज ने इतिहासकारों की अपेक्षाओं को पुनः दृढ़ किया है कि तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व में मेरठ में मौर्य सम्राट अशोक द्वारा स्थापित स्तंभ का पता लगा सकते हैं।

रिपोर्ट में इतिहासकार डॉ केके शर्मा के हवाले से कहा गया था, “द गजेटियर (1904 का) में दिल्ली टीले पर मेरठ के स्तंभ को पुनः स्थापित करने का उल्लेख है लेकिन हम यहाँ मूल सर्कल नहीं ढूंढ पाए हैं।”