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अशोका विवि सह-संस्थापक गुप्ता बंधुओं पर बैंक धोखाधड़ी का आरोप, बोर्ड से हटाए गए

गत सप्ताह सीबीआई ने 1,600 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी को लेकर अशोका विश्वविद्यालय के सह-संस्थापक विनीत गुप्ता और प्रणव गुप्ता के विरुद्ध मामला दर्ज किया था। अब गुरुवार को विश्वविद्यालय के सभी बोर्डों और समितियों से उन्हें हटा दिया गया।

दोनों चंडीगढ़ की एक दवा कंपनी पैराबोलिक ड्रग्स लिमिटेड के निदेशक भी हैं और उन पर सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया व अन्य बैंकों से 1,626 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया।

सोनीपत स्थित विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया कि उसका पैराबोलिक ड्रग्स लिमिटेड और उसके निदेशकों की सीबीआई जाँच से कोई लेना-देना नहीं है। साथ ही विश्वविद्यालय से उनके जुड़ने का कोई प्रयास तुच्छ व भ्रामक है।

विश्वविद्यालय ने एक आधिकारिक बयान में कहा, “विश्वविद्यालय में 200 से अधिक संस्थापक और दाता हैं, जिन्होंने अशोका को व्यक्तिगत योगदान दिया। उनके व्यक्तिगत व्यावसायिक व्यवहार और संचालन का विश्वविद्यालय से कोई संबंध नहीं है।”

आगे कहा गया, “अशोका में शासन के उच्च मानकों को ध्यान में रखते हुए विनीत और प्रणव गुप्ता पहले ही स्वेच्छा से सीबीआई के मामले के बाद विश्वविद्यालय के सभी बोर्डों और समितियों से हट गए हैं और जाँच में पूरा सहयोग कर रहे हैं।”

प्राथमिकी दर्ज होने के बाद सीबीआई ने गत शुक्रवार चंडीगढ़, पंचकूला, लुधियाना, फरीदाबाद और दिल्ली में आरोपी के कार्यालय और आवासीय परिसरों में 12 स्थानों पर तलाशी ली थी।