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बारिश-बाढ़ से त्रस्त तमिलनाडु मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से ₹6,230 करोड़ की सहायता मांगी

तमिलनाडु में भारी बारिश, बाढ़ से जानमाल के नुकसान, फसलों और इंफ्रास्ट्रक्चर को हुई भारी क्षति से राज्य की वित्तीय स्थिति पर बढ़ते बोझ को देखने के बाद मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से 6,230.45 करोड़ रुपये की सहायता जारी करने का अनुरोध किया।

एमके स्टालिन ने कहा कि इस वर्ष पूर्वोत्तर मानसून के मौसम (अक्टूबर-दिसंबर) में तमिलनाडु में अभूतपूर्व बारिश हुई। इसके परिणामस्वरूप भारी बाढ़ आई, जिससे बस्तियाँ और फसलें जलमग्न हो गए।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की वित्तीय स्थिति कोविड-19 महामारी के कारण गंभीर तनाव में है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री का ध्यान मनुष्यों और जानवरों के जीवन की हानि, खड़ी फसलों और इंफ्रास्ट्रक्चर को हुए नुकसान’ की ओर दिलाया।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी को लिखे पत्र में कहा कि राज्य सरकार ने तेजी से राहत अभियान चलाया और कम समय में सामान्य स्थिति बहाल की। लगातार बारिश से हुई क्षति के आकलन के लिए केंद्रीय टीम ने 21 नवंबर को तमिलनाडु का दौरा किया था।

राज्य सरकार ने कहा, “हमने अब तक तीन ज्ञापन सौंपे हैं, जिसमें भारत सरकार से अस्थायी बहाली के लिए 1,510.83 करोड़ रुपये और सड़कों, पुलों व सार्वजनिक भवनों आदि जैसे क्षतिग्रस्त इंफ्रास्ट्रक्चर की स्थायी बहाली के लिए 4,719.62 करोड़ की राहत सहायता मांगी है।” बता दें कि केंद्र को 16, 25 नवंबर और 15 दिसंबर को ज्ञापन दिया गया।

स्टालिन ने मोदी से केंद्रीय सहायता शीघ्र जारी करने का अनुरोध करते हुए कहा कि राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष भी पूरी तरह से उपयोग किया जा चुका है।

उन्होंने कहा, “प्रभावितों को शीघ्र मुआवजा देने की आवश्यकता है। वे बाढ़ के वर्तमान प्रभाव से उबर सकें और क्षतिग्रस्त इंफ्रास्ट्रक्चर का पुनर्निर्माण भी कर सकें, ताकि परिवहन, सिंचाई, शिक्षा आदि पुनः पटरी पर लौट सके।”