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मीटू आरोप के चलते ट्विटर पर उठी मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की गिरफ्तारी की मांग

पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी पर मीटू का आरोप लग चुका है। उन पर एक वरिष्ठ महिला आईएएस अधिकारी को अभद्र संदेश भेजने का आरोप लगा था।

यह विवाद अक्टूबर 2018 में प्रकाश में आया था, जब चन्नी तकनीकी शिक्षा मंत्री थे। उस समय तत्कालीन मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने कहा था कि मामला उनके संज्ञान में आया था और संबंधित महिला अधिकारी की संतुष्टि के लिए इसे हल कर दिया गया था।

भाजपा नेता अमित मालवीय ने कल ट्वीट किया, “कांग्रेस ने चरणजीत चन्नी को मुख्यमंत्री के रूप में चुना है, जिन्हें 3 वर्ष पूर्व मीटू के एक मामले में कार्रवाई का सामना करना पड़ा था। उन्होंने 2018 में महिला आईएएस अधिकारी को कथित तौर पर एक अनुचित संदेश भेजा था। इसे छिपा लिया गया था लेकिन पंजाब महिला आयोग द्वारा नोटिस भेजे जाने पर मामला पुनः प्रकाश में आ गया था। बहुत बढ़िया, राहुल।”

एक अन्य ट्वीट में उन्होंने कहा, “विगत कुछ दिनों में राजस्थान में कांग्रेस ने बाल विवाह को पंजीकृत करने, इसे वैधता देने और बड़ी होती युवा लड़कियों के साथ बुरा करने के लिए एक विधेयक पारित किया। अब मीटू के एक आरोपी को पंजाब का मुख्यमंत्री बना दिया। आइए प्रतीक्षा करें राहुल गांधी की महिला सशक्तिकरण पर बातें करने का।”

विभिन्न सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने पंजाब के मुख्यमंत्री के विरुद्ध आरोपों की खबरों को साझा किया और उनके त्याग-पत्र की मांग की। एक उपयोगकर्ता ने लिखा, “मीटू के आरोपों से घिर चुके चरणजीत सिंह चन्नी पंजाब के नए मुख्यमंत्री होंगे। यह कांग्रेस पार्टी में ही संभव है।”

एक अन्य ने टिप्पणी की, “@INCIndia द्वारा महिलाओं के सम्मान की बात करना सिर्फ एक दिखावा है। चरणजीत सिंह चन्नी ने साबित कर दिया है कि संविधान सभी के लिए समान होना चाहिए। अब #गिरफ्तारचरणजीतचन्नी।”