अर्थव्यवस्था
ऐप्पल के निजता परिवर्तनों से डिजिटल प्रचार के व्यापार पर क्या पड़ा प्रभाव

डिजिटल प्रचार संसार अपेक्षा कर रहा था कि ऐप्पल के निजता नियम परिवर्तनों के बाद ऑनलाइन प्रचार व्यापार में कुछ समस्याएँ आएँगी। अब रिपोर्टों से पुष्टि हो गई है कि नवीनतम अद्यतन से वास्तव में प्रचार व्यापार और ई-कॉमर्स पर प्रभाव पड़ रहा है।

जून और जुलाई में ऐप्पल ने नए अद्यतन जारी किए थे जिनके अनुसार ऐपों को अब उपभोक्ताओं से पूछना होगा कि क्या वे ट्रैक होना चाहते हैं। कई उपभोक्ताओं ने फेसबुक और स्नैपचैट जैसी बड़ी ऐपों को ट्रैक होने की अनुमति नहीं दी है।

इसके परिणाम स्वरूप अब इन ऐपों के पास उपभोक्ताओं के आचरण और रुचियों के विषय में बहुत कम जानकारी है और वे उन्हें व्यक्ति-विशिष्ट प्रचार सामग्री से लक्षित नहीं कर पा रहे हैं।

ऐसे में स्नैप इंक का स्टॉक 21 अक्टूबर को 25 प्रतिशत गिर गया था, जब इस फोटो मैसेजिंग ऐप के स्वामी ने कहा था कि ऐप्पल के निजता अद्यतन और आईओएस उपकरणों के कारण डिजिटल प्रचार को लक्षित और ट्रैक करने की कंपनी की क्षमताओं को नुकसान पहुँचा है।

निवेशकों के साथ एक कॉन्फ्रेन्स कॉल में स्नैप चीफ एक्ज़ेक्यूटिव इवान स्पीगल ने कहा था कि ऐप्पल द्वारा नए प्रचार प्रयास टूल की आपूर्ति के कारण कंपनियाँ अपनी प्रचार सामग्री की कुशलता का आकलन नहीं कर पा रही हैं जिससे कई तारीके समाप्त हो गए हैं जिनसे प्रचारक कई दशकों से व्यापार करने के आदी थे।

आगे उन्होंने कहा, “यह निस्संदेह हमारे लिए एक कुंठित करने वाला विघ्न रहा है।” जैसा कि विदित है, स्नैपचैट पर मार्केटिंग करने वालों में बड़ी संख्या में सौंदर्य, फैशन और उपभोक्ता उत्पाद उद्योग हैं।

स्नैप का कहना है कि आपूर्ति शृंखला में व्यवधानों के कारण कई व्यापारों और भूगोलों में प्रचारकों को प्रभावित किया है। जेपी मॉर्गन के विश्लेषक डग एनमथ कहते हैं, “स्नैप के चौथी तिमाही आउटलुक में ऐप्पल आईओएस प्रचार परिवर्तनों का इतना बुरा प्रभाव हुआ है, जितना किसी ने नहीं सोचा था।”

स्नैप के अलावा सोशल मीडिया प्रमुख फेसबुक, गूगल की मूल कंपनी अल्फाबेट इंक और माइक्रब्लॉगिंग मंच ट्विटर सभी ने अपने स्टॉक मूल्यों को 2 से 4 प्रतिशत तक गिरते हुए देखा है। एक फेसबुक प्रवक्त ने तो यह तक कह दिया है कि व्यक्ति-विशिष्ट प्रचारों का दमन करके ऐप्पल लाभ कमा रहा है।

एटीटी परिवर्तन

वर्षों तक मार्केटिंग रणनीति रही थी कि उन्हीं उपभोक्ताओं को लक्षित किया जाए जो खर्च करने के लिए तैयार हैं और इससे उनमें से कई ऐपों ने लाभ कमाया था जो ऐप्पल ऐप स्टोर के शीर्ष पर रहती हैं।

फेसबुक और गूगल जैसी कंपनियाँ ऐप इंस्टॉल करने के प्रचार बेचती हैं। ये प्रचार प्रायः एक पॉप-अप या किसी उत्पाद के रूप में किसी दूसरी ऐप के भीतर ही दिखते हैं। किसी प्रचार पर क्लिक पर उपभोक्ता ऐप स्टोर की किसी वेबसाइट पर पहुँच जाते हैं जहाँ से वे प्रचारित ऐप को डाउनलोड कर सकें।

किसी भी कंपनी की उपभोक्ता प्राप्ति की रणनीतियों में यह एक महत्त्वपूर्ण भाग है, विशेषकर ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए और वे गेम ऐपों के लिए जो उन कुछ उपभोक्ताओं पर निर्भर रहती हैं जो भारी संख्या में गेम के ऐड-ऑन खरीदते हैं।

ऐप इंस्टॉल प्रचारों के लिए प्रायः प्रति इंस्टॉल के आधार पर भुगतान किया जाता है। प्रचार खरीदने वाला प्रायः यह अनुमान लगाता है कि किसी जनसांख्यिकी में कोई उपभोक्ता ऐप का उपयोग करते हुए कितनी राशि खर्च करेगा।

यदि प्रति इंस्टॉल की लागत उपभोक्ता द्वारा जीवन भर में ऐप पप खर्च की जाने वाली अपेक्षित राशि से कम है तो ऐप विनिर्माता वही प्रचार खरीदेगा जिसका भुगतान वह कर सकते है। परंतु एटीटी (ऐप ट्रैकिंग ट्रान्सपेरेन्सी) ने यह बदल दिया।

ऐप्पल का पॉप-अप

साथ ही, ऐप्पल के अन्य निजता परिवर्तनों से यह परिदृश्य कमतर हो गया है क्योंकि अपनी प्रचार सामग्री की कुशलता के विषय में मार्केटरों के पास काफी कम जानकारी रह गई है। ऐप मार्केटर बिना जानकारी के यह नहीं बता सकते हैं कि वे अपनी ऐप को इंस्टॉल करने के लिए सही लोगों को लक्षित कर रहे हैं या नहीं।

ऐप्पल ने एक रिपोर्ट में उपभोक्ता निजता पर कहा था, “हम मानते हैं कि निजता एक मूलभूत मानवाधिकार है और उपभोक्ताओं को पारदर्शिता और विकल्प मिलना चाहिए कि कैसे उनका डाटा एकत्रित किया जा रहा है और उसका उपयोग हो रहा है।”

“हम दशकों से निजता-संरक्षण तकनीकों में जुटे हुए हैं, सफारी में इंटेलीजेंट ट्रैकिंग प्रिवेन्शन, ऐप स्टोर में निजता लेबल, ऐप्पल के साथ साइन इन और ऐप ट्रैकिंग ट्रान्सपेरेन्सी के साथ। हमारी निजता विशेषताएँ, सभी डवलपर्स पर लागू होती हैं।”, कहा गया।

ऐप्पल के एक प्रवक्ता ने बताया था कि इस नई विशेषता के लिए नियामकों और निजता समूहों से कंपनी को काफी समर्थन मिला है। लेकिन कई कंपनियों, जो इन परिवर्तनों को अपनाने में संघर्ष कर रही हैं, ने कहा है कि वे प्रचार पर खर्च को कम करेंगे।

वहीं, अपने प्रचार साझेदारों के साथ फेसबुक ने दावा किया कि उसकी प्रचार बिक्री, विश्लेषण जितना बताते हैं, उससे अधिक हो रही है। फेसबुक के उत्पाद मार्केटिंग के उपाध्यक्ष ग्राहम मुड ने एक ब्लॉग पोस्ट में कहा था कि ऐप्पल के परिवर्तनों के कारण वे प्रचार सफलता को 15 प्रतिशत कमतर आँक रहे हैं।