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तूर्यनाद में क्यों आएँ?
तूर्यनाद में क्यों आएँ?

तूर्यनाद एक क्रांति के रूप में 2012 में अस्तित्व में आया। यह आयोजन हिंदी भाषा को श्रद्धेय एवं जीवन शैली का भव्य हिस्सा बनाने की एक भिन्न और अद्वितीय अवधारणा पर आधारित है। अपने छः सफलतापूर्वक वर्ष पूर्ण करने के बाद, तूर्यनाद 18 तैयार है अपनी विशेषताओं के साथ लोगों को मंत्रमुग्ध करने के लिए।

प्रस्तुत हैं वे 8 कारण जो आपको तूर्यनाद में सहभागिता दर्ज कराने के लिए विवश कर देंगे-

· भव्यता- निस्संदेह किसी भी शैक्षणिक संस्थान द्वारा आयोजित होने वाला देश का सबसे बड़ा हिंदी महोत्सव तूर्यनाद ही है। तूर्यनाद’17 में उमंग एवं उल्लास से भरे देश के विभिन्न संस्थानों से आए हज़ारों युवाओं की उपस्थिति दर्ज हुई। तूर्यनाद के अंतर्गत हुई अनेकों प्रतियोगिताओं ने कई लोगों को आकर्षित किया। तूर्यनाद का प्रतिस्पर्धात्मक एवं ऊर्जा पूर्ण कार्यक्रम आपमें जोश भरने की कोई कसर नहीं छोड़ता।

· निःशुल्क- इस आयोजन में सम्मिलित होने के लिए किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाता है। हर प्रतियोगिता निःशुल्क है। यह वाकई एक आकर्षक प्रस्ताव है जहाँ आपके पास खोने के लिए कुछ भी नहीं है।

· कोई भेदभाव नहीं- तूर्यनाद भारत के सभी नागरिकों के मध्य सामंजस्य और सद्भावना को प्रोत्साहित करता है। किसी भी संस्थान के छात्रों के प्रति पक्षपात नहीं किया जाता है। किसी भी संस्थान के किसी भी विद्यार्थी के लिए यह मंच खुला है।

· पुरस्कार- आपकी प्रतिभा एवं प्रयासों को पहचान मिलेगी, इससे बड़ा प्रतिफल और क्या हो सकता है। जी हाँ, तूर्यनाद में विजेताओं को पुरस्कार राशि के साथ-साथ प्रशस्ति पत्र भी दिया जाएगा।

· भविष्य की ओर- जुड़िए हमारे साथ बौद्धिक एवं परस्पर संवादात्मक परिचर्चा में जहाँ हम हिंदी को तकनीक से जोड़कर डिजीटल भारत के सपने को साकार करने की ओर कदम बढ़ाएँगे।

· अतिथिगण- आपके पास अवसर है श्री मनोज श्रीवास्तव, श्री विजय मनोहर तिवारी आदि जैसे असाधरण व्यक्तित्वों की संगोष्ठी में सम्मिलित होने का एवं उनकी वार्ता से लाभान्वित होने का।

· प्रतियोगिताएँ- हिन्दी भाषा एवं भारतीय संस्कृति को बढ़ावा देने का उद्देश्य लिए अलग-अलग रुचियों पर आधारित कई प्रतियोगिताएँ आपको देखने को मिलेंगी। इन प्रतियोगिताओं को 4 श्रेणियों में विभाजित किया जा सकता है- तकनीकी, बौद्धिक, सांस्कृतिक एवं मनोरंजक प्रतियोगिताएँ. इस महोत्सव में अतिथि व्याख्यान भी आयोजित किए जाते हैं।
‘संयोजन- भाषा और तकनीक का समायोजन’, हिन्दी भाषा को तकनीक से जोड़े जाने पर संवाद-परिचर्चा, ‘प्रज्ञान’- बौद्धिक प्रतियोगिता, ‘परिधानिका’- अपनी तरह का एक अनूठा एवं पहला स्वदेशी फैशन शो, ‘चक्रव्यूह’- तूर्यनाद की एक अत्यंत आकर्षण प्रतियोगिता इत्यादि समेत अन्य कई रोचक प्रतियोगिताओं का आप यहाँ आनंद उठा सकते हैं।

· प्रतिभागी- मिलिए देश भर के संस्थानों से आए उत्साही, देशभक्त, बुद्धिमान, मेधावी एवं ऊर्जावान युवाओं से। तूर्यनाद देश के मेधावी युवाओं को मंच प्रदान करता है और उनकी श्रेष्ठता को पहचानता है।

और सबसे अच्छी बात यह है कि यह सबके लिए खुला है। यदि आप अभी तक पंजीयन नहीं कर पाएँ हैं तो चिंता की कोई बात नहीं है, आप आयोजन में सम्मिलित हेकर स्वयं को पंजीकृत कर सकते हैं।

ज़रूर जुड़ें हमसे 14, 15 और 16 सितंबर को तूर्यनाद 18 में। पंजीयन करने के लिए www.tooryanaad.in पर जाएँ।