घोषणाएं
ईशा के सात-महीने के निःशुल्क आवासीय कार्यक्रम ‘साधनापद’ के लिए पंजीयन शुरू

खुद को रूपांतरित करने के लक्ष्य से, ईशा योग केंद्र में सात महीने बिताने के लिए सद्गुरु के द्वारा एक अर्पण, ‘साधनापद’ के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है।

सद्गुरु द्वारा बनाया गया यह कार्यक्रम निःशुल्क है। इस कार्यक्रम में प्रत्येक प्रतिभागी गहन साधना से गुज़रता है जिसमें स्वयंसेवा और योग अभ्यास शामिल हैं। और साथ ही उसे शक्तिशाली प्राण-प्रतिष्ठित स्थानों में होने का अवसर मिलता है। आनंदपूर्वक और सहजता से जीने के लिए, साधनापद व्यक्ति को उसके शरीर और मन पर नियंत्रण करने में सहायता करता है।

हर साल, सद्गुरु, इस कार्यक्रम के जरिए प्रतिभागियों को ईशा योग केंद्र के प्राण-प्रतिष्ठित स्थान पर समय बिताने का अवसर प्रदान करते हैं। जो लोग साधनापद में हिस्सा लेना चाहते हैं, उन्हें कोयंबटूर में ईशा योग केंद्र में सात महीने, गुरु पूर्णिमा (जुलाई 2021) से महाशिवरात्रि (फरवरी 2022) तक रहना होता है। जीवन के हर क्षेत्र से, 18 वर्ष से ऊपर का कोई भी प्रतिभागी इस अर्पण में भाग ले सकता है।

साधनापद में हिस्सा लेने के लिए सभी प्रतिभागियों के लिए इनर इंजीनरिंग कार्यक्रम को (शांभवी महामुद्रा में दीक्षा के साथ पूरा कोर्स) करना आवश्यक है। दिनचर्या और गतिविधियों की कठोर प्रकृति के कारण, यह ज़रूरी है कि प्रतिभागी का शारीरिक, मानसिक, और भावनात्मक स्वास्थ्य अच्छा हो। साथ ही, हठ योग कार्यक्रमों में (सूर्य क्रिया, अंगमर्दन, योगासन) और उन्नत ईशा योग कार्यक्रमों में (भाव स्पंदन, शून्य ध्यान) हिस्सा लेने की सलाह दी जाती है।

रुचि रखने वाले प्रतिभागी साधनापद की वेबसाइट पर आवेदन कर सकते हैं ।

कोविड-19 महामारी के चलते, ईशा योग केंद्र वहँ रहने वालों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को सुनिश्चित करने के लिए कई कदम उठा रहा है। इसमें सोशल डिस्टैंसिंग, नियमित मेडिकल स्क्रीनिंग, और कशायम (प्रतिरोध क्षमता बढ़ाने वाला पेय) नीम और हल्दी का सेवन जैसे सुरक्षात्मक प्रयास शामिल हैं।