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विज़न इंडिया फाउंडेशन द्वारा दिल्ली में आयोजित होगी लेखन कार्यशाला

क्या आप अपनी आवाज़ 2.4 करोड़ भारतीयों तक पहुँचाना चाहते हैं? ये उन लोगों की संख्या है जो अंग्रेज़ी दैनिक पढ़ते हैं। सार्वजनिक मीडिया में लिखना जागरुकता फैलाने और परिवर्तन लाने का सर्वोत्तम माध्ययम है। प्रभावशाली लेख लोगों का दृष्टिकोण बदल सकते हैं। लेकिन विचारों को प्रकाशित करने योग्य लेख में परिवर्तित करने के लिए कौशल की आवश्यकता है।

आइडियाज़ टू इम्पैक्ट- लेखन की व्यवहारिक क्रियाशीलता सिखाने के लिए विज़न इंडिया फाउंडेशन द्वारा ‘हैंड्स ऑन आर्टिकल राइटिंग‘ पर एक कार्यशाला आयोजित की जा रही है। इस कार्यशाला का मीडिया पार्टनर स्वराज्य है। विचार सरल है- एक विचार से शुरू करके पूर्ण लेख के साथ आप कार्यशाला से निकलें। कई लोगों से संवाद से आप सटीक लेखन सीख सकेंगे जो विस्तृत चर्चा का विषय बन सके। कार्यशाला में प्रमुख मीडिया व्यक्तित्व और उच्च संस्थानों से 50 आमंत्रित प्रतिनिधि आएँगे जो सामाजिक क्षेत्र में बदलाव के लिए योगदान कर रहे हैं। यह कार्यक्रम दिल्ली में 15-16 दिसंबर को आयोजित किया जाएगा।

विज़न इंडिया फाउंडेशन का उद्देश्य भविष्य के सार्वजनिक नेतृत्वों को राष्ट्र-निर्माण की दिशा प्रदान करना है। 2014 में कई आईआईटी के प्राध्यापक व पूर्व छात्रों के संगठन से बनी यह संस्था लोकनीति, शासन और सांस्थानिक संरचनाओं में सुधार लाने के लिए प्रतिबद्ध है। पिछले तार वर्षों में संगठन ने 14 देशों और 29 राज्यों के 1000 युवा उद्यमियों को दिशा प्रदान की है।

कार्यक्रम का संचालन विज़न इंडिया फाउंडेशन के श्याम कृश्णकुमार, इकोनॉमिस्ट से कमल मदीशेट्टी, जनाग्रह से अपुला सिंह जो बीबीसी, द हिंदू, द इंडियन एक्सप्रेस, स्वराज्य आदि के लिए लिखती हैं।

मुख्य सत्रों में ये निष्ठावान लोग संबोधित करेंगे-

  • वमसी जुलुरी, सैन फ्रांसिस्को विश्व विद्यालय में मीडिया स्टडीज़ के प्राध्यापक व रिअफर्मिंग हिंदुइज़्म के लेखक
  • के जी सुरेश, भारतीय जनसंचार संस्थान के निदेशक
  • समर्थ बंसल, हिंदुस्तान टाइम्स में सहायक संपादक व डाटा जर्नलिस्ट
  • ज्योतिंद्र दूबे, सीएनबीसी टीवी 18 में डाटा जर्नलिस्ट
  • विष्णु पद्मनाभन, द मिंट में डाटा जर्नलिस्ट

आप क्या सीखेंगे-

  • लेखन के लिए आप उपयुक्त प्रणाली, डोमेन और पाठकों को पहचान पाएँगे
  • समझेंगे कि लेख क्यों लिखे जाते हैं और एक अच्छा लेख कैसे बनता है
  • कल्पना, खोज, लेखन, संपादन आदि चरणों की बारीकियाँ समझेंगे
  • लेख प्रकाशित करने के उपयुक्त माध्यमों जैसे ब्लॉग, प्रिंट व डिजूटल की समझ बढ़ेगी

किसे प्रतिभाग करना चाहिए-

  • आकांक्षी लेखक जो जानना चाहते हैं कि विचारों को लेख के धरातल पर कैसे उतारा जाता है
  • कॉर्पोरेट, कन्सल्टिंग कंपनियाँ, सरकारी संस्थाओं, राजनीतिक संगठनों, समाज के नागरिक, मीडिया और सामाजिक विकास संगठन के लोगों को जो आम जन के उनका दृष्टिकोण समझाना चाहते हैं
  • विकास क्षेत्र में बदलाव के प्रवर्तक जो जागरुकता फैलाना चाहते हैं और लेखन के माध्यम से अपने कार्य को और प्रभावशाली बनाना चाहते हैं
  • युवा उद्यमी और विद्यार्थी जो मीडिया, कॉर्पोरेट संवाद और सार्वजनिक मामलों में अपनी करियर बनाना चाहते हैं
  • विद्यार्थी जो अपने नज़रिये को बड़ी संख्या तक पहुँचाना चाहते हैं
  • उत्साही लोग जो अपनी लेखन शैली बेहतर करना चाहते हैं

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