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पीएलए ने एलएसी के पास उच्च ऊँचाई वाले हथियारों के प्रदर्शन का परीक्षण किया- रिपोर्ट

लद्दाख में एलएसी पर भारत के साथ जारी तनाव के मध्य एक मीडिया रिपोर्ट में कहा गया कि पीएलए द्वारा हिमालयी सीमा के पास किए गए गोलीबारी अभ्यास से पता चलता है कि चीन ने व्यापक प्रशिक्षण मानक स्थापित किए थे, जो सैन्य विश्लेषकों के अनुसार, उच्च ऊँचाई वाले हथियारों के संचालन के लिए डिज़ाइन किए गए।

साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, देश द्वारा नियंत्रित चाइना सेंट्रल टेलीविजन की ओर से प्रसारित वीडियो में पश्चिमी थिएटर कमांड के शिनजियांग सैन्य जिले से पैदल सेना के सैनिकों को काराकोरम पहाड़ों में 5,200 मीटर (17,000 फीट) की ऊँचाई पर सटीक हमले का अभ्यास करते हुए दिखाया गया।

एससीएमपी की रिपोर्ट में कहा गया है, “स्नाइपर राइफल से लेकर वाहन पर लगे रिमोट कंट्रोल हथियार प्रणाली, मोर्टार, ग्रेनेड लॉन्चर और टैंक-रोधी मिसाइलों तक परंपरागत हथियारों की एक शृंखला अभ्यास में प्रदर्शित की गई थी।”

सैन्य विशेषज्ञों के हवाले से कहा गया कि प्रशिक्षण से संकेत मिलता है कि पीएलए पैदल सेनाएँ उच्च ऊँचाई वाले युद्ध-तैयारी अभियानों के लिए विशेष रूप से डिज़ाइन किए गए हथियारों से सुसज्जित थीं।

मकाऊ स्थित सैन्य पर्यवेक्षक एंटनी वोंग टोंग के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया, “पीएलए ने भारतीय क्षेत्रों में सटीक हमला प्रशिक्षण अभियान शुरू किया है, जिसका उद्देश्य भविष्य की आकस्मिकताओं में अधिक क्षेत्र को नियंत्रित करना है।”

उन्होंने कहा, “हाल ही के अभ्यास में टाइप 06 सेमी-ऑटोमैटिक ग्रेनेड लॉन्चर और मोर्टार के उपयोग से संकेत मिलता है कि चीन अन्य विवादित सीमा क्षेत्रों में सटीक हमला करने की क्षमताओं के साथ शक्तिशाली लेकिन आसान हथियारों को तैनात करेगा।”

दोनों पक्षों द्वारा गत माह सेना वापसी पर वार्ता पुनः शुरू करने के लिए समझौते पर पहुँचने में विफल रहने के बाद यह अभ्यास हिमालय पर भारत के साथ सीमावर्ती क्षेत्रों के पास पीएलए द्वारा किया गया नवीनतम उच्च ऊँचाई वाली युद्ध क्षमता प्रशिक्षण है।