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महा विकास अघाड़ी को संकट में देख एनसीपी-कांग्रेस ने जारी किए करोड़ों के आदेश

शिवसेना के नेतृत्व वाली महा विकास अघाड़ी सरकार वर्तमान में भले ही मंत्री एकनाथ शिंदे के विद्रोह के कारण अस्तित्व के संकट से जूझ रही हो लेकिन सरकार के वे विभाग, जो एनसीपी और कांग्रेस के नियंत्रण में है, ने पिछले चार दिनों में हजारों करोड़ रुपये के विभिन्न विकास संबंधी कार्यों के लिए धन जारी करने हेतु आदेश जारी किए हैं।

20 जून से 23 जून के मध्य विभागों ने 182 सरकारी संकल्प (जीआर) जारी किए, जबकि 17 जून को उन्होंने 107 ऐसे जीआर पारित किए। इन आदेशों को सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर देखा जा सकता है।

सूत्रों ने कहा कि चूँकि गठबंधन दलों को आभास हो गया था कि क्या होने वाला है। ऐसे में इन दलों के नियंत्रण वाले विभागों में जीआर जारी करने की होड़ मच गई।

शिवसेना के गुलाबराव पाटिल के नेतृत्व वाले जल आपूर्ति और स्वच्छता विभाग ने 17 जून को एक दिन में 84 से अधिक जीआर जारी किए। पाटिल शिवसेना के उन अंतिम विधायकों में से थे, जिन्होंने गुवाहाटी पहुँचकर शिंदे से हाथ मिलाया।

20 जून से 23 जून के मध्य सोमवार को सबसे कम जीआर (28) जारी हुए। अगले दिन 66 जीआर जारी किए गए। पिछले दो दिनों में 22 जून और 23 जून को सरकार ने क्रमशः 44 और 43 आदेश जारी किए।

आँकड़ों के अनुसार, सोमवार से एनसीपी और कांग्रेस के नियंत्रण वाले विभागों में होड़ मच गई क्योंकि इस अवधि के दौरान 182 आदेशों में से 70 प्रतिशत से अधिक आदेश जारी किए गए।

निर्दलीय विधायक और मंत्री शंकरराव गडख द्वारा संचालित मृदा एवं संरक्षण विभाग ने लगभग 20 आदेश पारित किए।

कांग्रेस द्वारा नियंत्रित राज्य आदिवासी विकास विभाग द्वारा जारी किए गए कुछ जीआर हैं, जिनकी कीमत 1,000 करोड़ रुपये से अधिक है।

राज्य के उपमुख्यमंत्री और एनसीपी नेता अजीत पवार द्वारा नियंत्रित वित्त विभाग ने स्थानीय क्षेत्र विकास कोष को बढ़ाकर कुल 319 करोड़ रुपये का जीआर जारी किया।