समाचार
विमानपत्तन प्राधिकरण मौजूदा टर्मिनलों के विस्तार हेतु ₹25,000 करोड़ निवेश करेगा- केंद्र

भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) ने वर्तमान टर्मिनलों के विस्तार एवं संशोधन, नए टर्मिनल, वर्तमान रनवे, एप्रन, एयरपोर्ट नेविगेशन सर्विसेज़ (एएनएस), कंट्रोल टावर, तकनीकी ब्लॉक आदि के विस्तार या सुदृढ़ीकरण के लिए आगामी 5 वर्षों में लगभग 25,000 करोड़ रुपये खर्च करने के लिए एक विकास कार्यक्रम शुरू किया है।

केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय में राज्यमंत्री जनरल (सेवानिवृत्त) वीके सिंह ने सोमवार (6 दिसंबर) को संसद को इस संबंध में सूचित किया। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने देश भर में 21 ग्रीनफील्ड हवाई अड्डों की स्थापना के लिए सैद्धांतिक स्वीकृति दे दी है।

राज्यसभा में एक सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि अब तक आठ ग्रीनफील्ड हवाईअड्डे जैसे कि महाराष्ट्र में शिरडी, पश्चिम बंगाल में दुर्गापुर, सिक्किम में पकयोंग, केरल में कन्नूर, आंध्र प्रदेश में ओरवकल, कर्नाटक में कलबुर्गी, महाराष्ट्र में सिंधुदुर्ग और उत्तर प्रदेश में कुशीनगर का संचालन किया जा चुका है।

मंत्री ने कहा, “दिल्ली, हैदराबाद और बेंगलुरु में तीन सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) हवाई अड्डों ने 2025 तक 30,000 करोड़ रुपये की बड़ी विस्तार योजना शुरू की है। इसके अतिरिक्त, देश भर में नए ग्रीनफील्ड हवाई अड्डों के विकास में निवेश हेतु पीपीपी मोड के अंतर्गत 36,000 करोड़ रुपये की योजना बनाई गई है।”

उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय संपर्क योजना (आरसीएस) के अंतर्गत, जिसे उड़े देश का आम नागरिक (उड़ान) योजना के रूप में भी जाना जाता है, 24 नवंबर 2021 तक 393 मार्गों ने 62 अनारक्षित और कम सेवा वाले हवाई अड्डों को जोड़ना शुरू कर दिया है। इसमें दो वॉटर एयरोड्रोम और छह हेलीपोर्ट सम्मिलित हैं।

उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने अप्रैल 2017 से अक्टूबर 2021 तक राज्य सरकार, सार्वजनिक उपक्रमों और एएआई आदि के अनारक्षित व कम सेवा वाले हवाई अड्डों/ हेलीपोर्ट/वॉटरड्रोम के पुनरुद्धार के लिए 2,062 करोड़ रुपये जारी किए हैं।