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ऑस्ट्रेलिया का भी अमेरिका के बाद बीजिंग शीतकालीन ओलंपिक का राजनयिक बहिष्कार

चीन की राजधानी बीजिंग में होने वाले शीतकालीन ओलंपिक खेलों के राजनयिक बहिष्कार में ऑस्ट्रेलिया ने अमेरिका का अनुसरण किया।

ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने बुधवार को कहा कि अधिकारी बीजिंग शीतकालीन ओलंपिक में भाग नहीं लेंगे।

उन्होंने कहा कि इसको लेकर आश्चर्य नहीं होना चाहिए कि ऑस्ट्रेलियाई राजनयिक और राजनेता हाल ही के वर्षों में चीन के साथ संबंधों के टूटने का हवाला देते हुए आयोजन का बहिष्कार करेंगे।

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, स्कॉट मॉरिसन ने कहा कि कैनबरा का निर्णय ऑस्ट्रेलिया के विदेशी हस्तक्षेप कानूनों और परमाणु ऊर्जा से चलने वाली पनडुब्बियों के अधिग्रहण के हालिया निर्णय सहित कई मुद्दों पर चीन के साथ असहमति के मध्य आया है।

मॉरिसन ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया पर बीजिंग के स्वयं के नेताओं व राजनयिकों के बीच चर्चा ना होने से भी अधिकारियों के खेलों का बहिष्कार करने के निर्णय को प्रभावित किया क्योंकि ऑस्ट्रेलिया सीधे चीनी नेताओं के साथ मानवाधिकारों के बारे में अपनी चिंताओं को उठाने में असमर्थ रहा है।

ऑस्ट्रेलिया का निर्णय अमेरिका द्वारा शीतकालीन ओलंपिक के अपने राजनयिक बहिष्कार की घोषणा के एक दिन बाद आया, जिसे वॉशिंगटन ने उइगर अल्पसंख्यक और अन्य मानवाधिकारों के हनन के चीन के नरसंहार की संज्ञा दी थी।

मॉरिसन ने कहा, “हमें इन मुद्दों के बारे में चीनी सरकार से बात करके खुशी हुई और हमारे पक्ष में ऐसा होने में कोई बाधा नहीं आई है लेकिन चीनी सरकार ने उन मुद्दों के बारे में मिलने वाले अवसरों को लगातार अस्वीकार किया है।”

एबीसी न्यूज़ ने मॉरिसन के हवाले से कहा, “इसी वजह से यह आश्चर्य की बात नहीं है कि ऑस्ट्रेलियाई सरकारी अधिकारी उन खेलों के लिए चीन नहीं जाएँगे।” हालाँकि, राजनयिक बहिष्कार के बावजूद ऑस्ट्रेलियाई एथलीट खेलों में प्रतिस्पर्धा करेंगे।