समाचार
सपा की उपचुनाव में हार पर ओवैसी बोले- “पार्टी में भाजपा को हराने की क्षमता नहीं”

सपा को उपचुनाव में आजमगढ़ और रामपुर लोकसभा सीटों पर हार का सामना करना पड़ा। दोनों सीटें पार्टी भाजपा से हार गई। इन दोनों सीटों को सपा प्रमुख अखिलेश यादव और वरिष्ठ नेता आज़म खान ने खाली किया था और उन्हें पार्टी का गढ़ माना जाता था।

चौंकाने वाली और अपमानजनक पराजय के बीच ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने पार्टी को पूरी तरह से बेकार बताया।

उन्होंने ट्वीट किया, “रामपुर और आजमगढ़ चुनाव के परिणाम स्पष्ट रूप से दिखाते हैं कि सपा में भाजपा को हराने की न तो क्षमता है और न ही उतना दम।”

ओवैसी ने मुसलमानों से अपील की कि वे अपना बहुमूल्य वोट बेकार पार्टियों पर बर्बाद न करें, अपनी स्वतंत्र राजनीतिक पहचान बनाएँ और अपने भाग्य का निर्णय खुद करें।

ओवैसी को 2022 के विधानसभा चुनावों में अखिलेश यादव ने तब महत्व नहीं दिया था, जब उन्होंने भाजपा और कांग्रेस के अलावा किसी भी पार्टी के साथ गठबंधन करने की मंशा व्यक्त की थी। हालाँकि, उसे कुल मतों का केवल 0.49 प्रतिशत ही प्राप्त हुआ लेकिन माना जाता है कि एआईएमआईएम ने कई सीटों पर सपा की संभावनाओं को प्रभावित किया है।

उपचुनाव से पहले एआईएमआईएम ने आजमगढ़ में बसपा उम्मीदवार गुड्डू जमाली के लिए अपने समर्थन की घोषणा की थी।

रामपुर में सपा उम्मीदवार व आज़म खान के करीबी असीम राजा दोतरफा मुकाबले में भाजपा के घनश्याम लोधी से 42,000 मतों से हार गए थे। रामपुर में 55 प्रतिशत मुस्लिम और 42 प्रतिशत हिंदू आबादी है। प्रचार के दौरान सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने एक बार भी वोट के लिए निर्वाचन क्षेत्रों का दौरा नहीं किया।

आजमगढ़ सीट से समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार और अखिलेश यादव के चचेरे भाई धर्मेंद्र यादव ने कहा कि पार्टी मुस्लिम मतदाताओं को समझाने में विफल रही।