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केंद्र का दूरसंचार उपकरण क्षेत्र में चीनी उपस्थिति को प्रतिबंधित करने पर विचार- रिपोर्ट

केंद्र सरकार दूरसंचार उपकरण क्षेत्र में चीनी उपस्थिति को प्रतिबंधित करने पर विचार कर रही है।

फाइनेंशियल एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, सूत्रों का कहना है कि कुछ गैर-चीनी विक्रेताओं को चीन में अपने कारखानों में बने उत्पादों के लिए स्वीकृति नहीं मिल रही है। यह इस तथ्य के बावजूद है कि इन विक्रेताओं को राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (एनएससीएस) द्वारा विश्वसनीय के रूप में प्रमाणित किया गया है।

दूरसंचार क्षेत्र पर राष्ट्रीय सुरक्षा निर्देश के अनुसार, कुछ उत्पादों के लिए विश्वसनीय अनुमोदन नहीं रखने वाली कंपनियों को नेटवर्क में तैनात नहीं किया जा सकता है।

20 कंपनियों ने अब तक विश्वसनीयता का तमगा हासिल किया लेकिन इसमें जेडटीई, हुआवे जैसे प्रमुख चीनी कंपनियाँ सम्मिलित नहीं हैं।

यह आदेश एनएससीएस को दूरसंचार विक्रेताओं द्वारा अपनी कंपनी, व्यवसाय, विनिर्माण, शेयरधारिता पैटर्न आदि के बारे में सभी विवरण प्रस्तुत करने को कहता है।

एनएससीएस के पास व्यापक डाटा तक पहुँच है और इसलिए संचार नेटवर्क में उत्पन्न होने वाली किसी भी प्रकार की कमियों पर ज़िम्मेदारी लेने के लिए कथित तौर पर अच्छी तरह से रखा गया है।

हालाँकि, गैर-महत्वपूर्ण स्थानों में अपने वर्तमान नेटवर्क को अपग्रेड करने और बनाए रखने के लिए दूरसंचार संचालकों को समय-समय पर अनुमति दी जाती है।

उद्योग के अनुमानों से पता चलता है कि लगभग 30 -40 प्रतिशत 4 जी नेटवर्क पहले चीनी खिलाड़ियों द्वारा स्थापित किया गया था। यह भाग अब कम हो रहा है क्योंकि दूरसंचार संचालक चीनी विक्रेताओं की जगह नोकिया और एरिक्सन जैसी कंपनियों के साथ हो रहे हैं।