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अडानी समूह देश की सबसे बड़ी विमान रखरखाव, मरम्मत कंपनी में भागीदारी खरीदेगा

अडानी समूह मुंबई स्थित एयर वर्क्स ग्रुप में निवेश करने पर विचार कर रहा है। यह भारत का सबसे बड़ा स्वतंत्र विमान रखरखाव, मरम्मत और ओवरहाल (एमआरओ) संगठन है।

एयर वर्क्स ग्रुप एतिहाद, फ्लाईदुबई, लुफ्थांसा, तुर्की अटलांटिक और वर्जिन अटलांटिक जैसी अन्य अंतर-राष्ट्रीय एयरलाइनों के अतिरिक्त इंडिगो, विस्तारा और गोएयर जैसी नागरिक उड्डयन कंपनियों को सेवा प्रदान करता है।

कंपनी ने भारतीय नौसेना के तीन पी-81 लंबी दूरी के समुद्री गश्ती विमानों के भारी रखरखाव के लिए बोइंग के साथ भी करार किया है।

दि इंडियन एक्सप्रेस ने घटनाक्रम की जानकारी रखने वाले एक सूत्र के हवाले से कहा, “अडानी ग्रुप ने एयर वर्क्स ग्रुप में अपनी तत्परता दिखानी आरंभ कर दी है।”

एयर वर्क्स ग्रुप की 27 भारतीय शहरों में उपस्थिति है और यह जीएमआर एयरो टेक्निक व देश के स्वामित्व वाली एआई इंजीनियरिंग सर्विसेज लिमिटेड जैसी अन्य एमआरओ कंपनियों से प्रतिस्पर्धा करती है।

गौतम अडानी के स्वामित्व वाला समूह पहले से ही मुंबई, अहमदाबाद, लखनऊ, तिरुवनंतपुरम, मैंगलोर, जयपुर और गुवाहाटी में देश के सात हवाई अड्डों का प्रबंधन करता है।

एक अन्य सूत्र ने बताया, “एयर वर्क्स के साथ प्रस्तावित सौदा बढ़ते भारतीय नागरिक उड्डयन बाज़ार और एमआरओ सेवाओं की बढ़ती आवश्यकता से उत्पन्न अवसरों का लाभ उठाने की अडानी समूह की योजनाओं के अनुरूप है।”

भारत की एमआरओ आवश्यकताओं का लगभग 90% आयात से पूरा होता है। इस वजह से स्वदेशी एमआरओ क्षेत्र के लिए कथित तौर पर एक बड़ी विकास क्षमता है। वास्तव में, घरेलू एमआरओ सेवाओं पर जीएसटी दर मार्च 2020 में 18% से घटाकर 5% कर दी गई थी। वे पूर्ण इनपुट टैक्स क्रेडिट का भी लाभ उठा सकते हैं और यह  बड़ी राहत के रूप में है।

इससे पहले, भारतीय एयरलाइंस देश में उच्च करों के कारण सर्विसिंग के लिए अपने विमान चीन, सिंगापुर, संयुक्त अरब अमीरात और श्रीलंका भेजती थीं।