समाचार
गंगा एक्सप्रेसवे हेतु अडानी समूह एसबीआई से ले सकता है ₹12,000 करोड़ का ऋण

अडानी समूह कथित तौर पर गंगा एक्सप्रेसवे के लिए 12,000 करोड़ रुपये का ऋण जुटाने हेतु भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) से वार्ता कर रहा है।

594 किलोमीटर लंबे और छह लेन वाले गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण 36,200 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से किया जाएगा। काम में गति लाने हेतु परियोजना को चार समूहों में विभाजित किया गया है, जिनमें से प्रत्येक में तीन पैकेज हैं।

वहीं, आईआरबी ने ग्रुप 1 प्राप्त किया। अडानी इंटरप्राइजेज लिमिटेड (एईएल) ने 17,085.16 करोड़ रुपये के समझौते में गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना के तीन समूहों के निर्माण के लिए यूपीईडा से अनुबंध प्राप्त किया है।

दि इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ऋण की शर्तों को अंतिम रूप देने से पूर्व एसबीआई एक सड़क यातायात सर्वेक्षण में लगा है। ऋण लंबी अवधि 10 से 30 वर्षों के मध्य का होगा। हालाँकि अभी शर्तें निश्चित की जानी शेष हैं।

वर्तमान में, एईएल के मार्गों के पोर्टफोलियो में 5,000 लेन किलोमीटर से अधिक की 13 परियोजनाएँ और भारत में 9 राज्यों में फैली हुई संपत्ति का मूल्य 35,000 करोड़ रुपये से अधिक है।

अपनी 594 किलोमीटर की लंबाई में एईएल बदायूं से प्रयागराज तक 464 किलोमीटर का निर्माण करेगी, जिसमें 80 प्रतिशत एक्सप्रेसवे शामिल है। अडानी इंटरप्राइजेज 30 वर्ष की रियायत अवधि में डीबीएफओटी (टोल) के आधार पर परियोजना को लागू करेगा।

17,000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजना लागत के साथ गंगा एक्सप्रेसवे देश की सबसे बड़ी एक्सप्रेसवे परियोजना है, जो पीपीपी ढाँचे के तहत एक निजी कंपनी को प्रदान की गई है।

गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ जिले के बिजौली गाँव के पास एनएच-334 से आरंभ होता है और यहूदापुर दांडू गाँव के पास एनएच-19 पर प्रयागराज बाईपास पर समाप्त होता है।