समाचार
लावण्या मामले में असंवेदनशीलता पर एबीवीपी ने तमिलनाडु मुख्यमंत्री का पुतला फूँका

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के विरुद्ध लावण्या आत्महत्या मामले में कथित रूप से असंवेदनशीलता दिखाने को लेकर राज्य में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् (एबीवीपी) ने सोमवार को विरोध प्रदर्शन किया।

आरएसएस से जुड़े एबीवीपी ने मंगलवार को तमिलनाडु भवन के बाहर स्टालिन का पुतला फूँका और भारी विरोध की घोषणा की। एबीवीपी की दिल्ली इकाई की घोषणा तमिलनाडु पुलिस द्वारा लावण्या को न्याय दिलाने हेतु मुख्यमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन कर रहे एबीवीपी कार्यकर्ताओं पर हुए क्रूर व्यवहार के बाद हुई।

उन्होंने बताया कि एबीवीपी की राष्ट्रीय महासचिव निधि त्रिपाठी, राष्ट्रीय सचिव मुथु रामलिंगम, दक्षिणी प्रांत की राज्य सचिव सुशीला और अन्य कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया।

बयान में कहा गया, “इसके बाद एबीवीपी दिल्ली ने डीयू और जेएनयू में मुख्यमंत्री स्टालिन का पुतला फूंका और कल (मंगलवार) दिल्ली में तमिलनाडु भवन के बाहर बड़े विरोध की घोषणा की थी।”

सेक्रेड हार्ट्स हायर सेकेंडरी स्कूल में कक्षा 12 की छात्रा लावण्या को कथित तौर पर ईसाई धर्म अपनाने के लिए विवश किया गया था, जिसके बाद उन्होंने जहर खा लिया और 19 जनवरी को उनकी मृत्यु हो गई।

एबीवीपी ने कहा कि मामले में राज्य सरकार की असंवेदनशीलता इस तथ्य से स्पष्ट होती है कि सरकार ने सीबीआई जाँच के मद्रास उच्च न्यायालय के आदेश के विरुद्ध सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। सर्वोच्च न्यायालय ने याचिका खारिज कर दी और उच्च न्यायालय के निर्णय को बरकरार रखते हुए मामले को केंद्रीय जाँच एजेंसी को सौंपने का आदेश दिया।

छात्र संगठन ने कहा कि लावण्या के लिए न्याय की लड़ाई लड़ रहे युवाओं को अब न्याय मिलने की अपेक्षा है।